सतगढ़ बांध परियोजना में मिट्टी परिवहन को लेकर प्रजापति समाज का प्रदर्शन !

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सागर जिले में सतगढ़ बांध परियोजना से मिट्टी परिवहन को लेकर उत्पन्न हो रही समस्याओं के विरोध में शुक्रवार को प्रजापति समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। भारतीय प्रजापति हिरोज ऑर्गनाइजेशन के बैनर तले समाज के लोग ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहे। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।

ज्ञापन में प्रजापति समाज के लोगों ने बताया कि सतगढ़ बांध परियोजना से मिट्टी लेने के लिए उन्हें जल संसाधन विभाग, सागर ग्रामीण तहसीलदार और सागर खनिज कार्यालय से विधिवत अनुमति प्राप्त है। इसके बावजूद समाज के लोगों को लगातार परेशान किया जा रहा है और मिट्टी परिवहन करने पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है।

एक व्यक्ति पर अवैध रोक-टोक और मारपीट की कोशिश का आरोप

समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि परियोजना क्षेत्र के समीप बिहारीपुरा ग्राम पंचायत वनगुबा निवासी रामजी द्वारा जबरन प्रजापति समाज के ट्रैक्टरों को रोका जाता है। मजदूरों के साथ अपशब्द कहे जाते हैं और मारपीट की कोशिश की जाती है। इससे समाज के लोगों और मजदूरों को कार्य करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उक्त व्यक्ति द्वारा पिछले कई वर्षों से अवैध रूप से मिट्टी का परिवहन कराया जा रहा था। खनिज अधिकारी द्वारा कार्रवाई करते हुए उसका ट्रैक्टर जब्त किया गया है, जो वर्तमान में नरयावली थाने में खड़ा है। समाज ने मांग की कि मिट्टी खदान की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

झूठी शिकायतें और विवाद का आरोप

प्रजापति समाज के लोगों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति पर मोतीनगर थाने में पहले से कई मामले दर्ज हैं। वह सट्टा बुकिंग और शराब का अवैध कारोबार आसपास के गांवों में कराता है। आरोप लगाया गया कि उसके साथियों द्वारा प्रजापति समाज के लोगों के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन पर झूठी शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं।

समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि बुधवार को गल्ला मंडी चौराहे के पास विवाद की स्थिति बनी। हल्ले प्रजापति द्वारा मना करने पर झूमाझटकी की गई। इसके बाद मोतीनगर थाने में कैलाश प्रजापति और हल्ले प्रजापति के खिलाफ कथित रूप से झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जबकि कैलाश प्रजापति विवाद स्थल पर मौजूद ही नहीं थे। समाज ने आशंका जताई कि इस तरह की हरकतों से किसी भी दिन स्थिति बिगड़ सकती है।

वन विभाग पर भी लगाए आरोप

प्रजापति समाज ने आरोप लगाया कि उत्तर वन परिक्षेत्र अधिकारी शुभम जैन द्वारा समाज के ट्रैक्टरों को बिना दस्तावेजों की जांच किए जब्त कर लिया जाता है और खनिज विभाग के सुपुर्द कर दिया जाता है। यह कार्रवाई बार-बार की जा रही है। समाज का कहना है कि उन्हें सतगढ़ बांध परियोजना से मिट्टी खनन करने से रोका जा रहा है और वाहनों को राजसात करने की धमकी दी जाती है।

परिक्षेत्र अधिकारी ने आरोपों को किया खारिज

इस पूरे मामले में उत्तर वन परिक्षेत्र अधिकारी शुभम जैन ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र में वन क्षेत्र भी शामिल है, इसलिए निगरानी आवश्यक है। मौके पर जब दस्तावेज मांगे जाते हैं तो कई बार वाहन चालक तत्काल कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाते, इसी कारण ट्रैक्टर जब्त किए जाते हैं। बाद में दस्तावेज आने पर उनकी पुष्टि की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई नियमों के खिलाफ नहीं की जा रही है और किसी को परेशान करने का उद्देश्य नहीं है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

प्रजापति समाज ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें अनावश्यक परेशान किए जाने से राहत दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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