दतिया।
दतिया नगरपालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी से नाराज करीब 150 से 200 महिला और पुरुष सफाई कर्मचारी गाड़ीखाना परिसर में सामूहिक धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा, जिससे उन्हें हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि किसी कर्मचारी को दो माह तो किसी को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा—
“चाहे जो मजबूरी हो, तनख्वाह हमारी पूरी दो।”
वेतन न मिलने से बढ़ी पारिवारिक परेशानियां
धरने के दौरान कई कर्मचारियों की पीड़ा सामने आई। एक सफाई कर्मचारी भावुक होकर रो पड़ा और बताया कि वेतन न मिलने के कारण वह अपने बच्चे की स्कूल फीस जमा नहीं कर पाया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस जमा करने की शर्त रखी गई है, जिससे पूरे परिवार पर मानसिक दबाव बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में काम पर मन लगाना भी कठिन हो गया है।

अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी
कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ आउटसोर्स सफाई कर्मचारी शुक्रवार रात से ही गाड़ीखाना परिसर में मौजूद हैं, लेकिन अब तक कोई भी वरिष्ठ या जिम्मेदार अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा। इससे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। उनका कहना है कि प्रशासन का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
शुक्रवार को भी हुआ था प्रदर्शन
गौरतलब है कि शुक्रवार को भी सफाई कर्मचारियों ने नगरपालिका परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। उस दौरान कोई ठोस समाधान न निकलने पर कर्मचारियों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेतन भुगतान नहीं हुआ तो शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

नगरपालिका का पक्ष
इस संबंध में स्वच्छता प्रभारी अनुपम पाठक ने बताया कि नगरपालिका में सफाई व्यवस्था के लिए तीन श्रेणियों के कर्मचारी कार्यरत हैं—नियमित, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स। कुल मिलाकर लगभग 350 सफाई कर्मचारी हैं, जिनमें से 150 से 200 कर्मचारी फिलहाल हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को मंगलवार तक वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद कुछ कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए हैं।
स्वच्छता प्रभारी के अनुसार, अभी कुछ कर्मचारी कार्यरत हैं, जिससे फिलहाल शहर की सफाई व्यवस्था संतुलित बनी हुई है, लेकिन यदि हड़ताल लंबी चली तो स्थिति बिगड़ सकती है।
समाधान की राह देख रहे कर्मचारी
धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल अपना बकाया वेतन चाहते हैं और जैसे ही भुगतान होगा, वे काम पर लौटने को तैयार हैं। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और वेतन भुगतान की समयसीमा पर टिकी हुई हैं।