इंदौर।
स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में पहचान बना चुके इंदौर ने एक और नया कदम उठाया है। शहर के सरवटे बस स्टैंड और राजवाड़ा परिसर से शनिवार को ‘क्लीन रेड स्पॉट’ अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। यह अभियान अब हर शनिवार को शहर के सभी 85 वार्डों में चलाया जाएगा। नगर निगम का लक्ष्य सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बनने वाले रेड स्पॉट्स को पूरी तरह समाप्त करना है।
अभियान की शुरुआत के मौके पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव स्वयं सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र और राजवाड़ा के मुख्य गेट पहुंचे। उन्होंने सफाई अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए श्रमदान किया और पानी डालकर रेड स्पॉट्स की सफाई की।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की आदत पर रोक
नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बनने वाले लाल दागों (रेड स्पॉट) को जड़ से खत्म करना है। इसके तहत चिन्हित स्थानों की नियमित सफाई की जाएगी और लोगों को जागरूक किया जाएगा।

अभियान के दौरान महापौर ने आमजन से अपील की कि वे इधर-उधर थूकने के बजाय स्पीट कप और स्पीट बॉक्स का उपयोग करें। इस अवसर पर लोगों को स्पीट कप भी वितरित किए गए, ताकि वे सार्वजनिक जगहों को गंदा न करें।
स्वच्छता में इंदौर की पहचान
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा,
“इंदौर आठ बार देश का सबसे स्वच्छ शहर रह चुका है। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए नगर निगम लगातार नवाचार कर रहा है। ‘क्लीन रेड स्पॉट’ अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”
उन्होंने बताया कि हर शनिवार को नगर निगम और एनजीओ की टीम मिलकर सभी वार्डों में रेड स्पॉट्स की पहचान कर सफाई करेगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों को रोका जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।

नो थू-थू अभियान के तहत जागरूकता
राजवाड़ा क्षेत्र में चले ‘नो थू-थू’ और ‘क्लीन रेड स्पॉट’ अभियान के दौरान महापौर ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी गाड़ियों में अनिवार्य रूप से स्पीट बॉक्स रखें। उन्होंने कहा कि शहर को रेड स्पॉट मुक्त बनाने में आम नागरिकों का सहयोग सबसे अहम है।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
अभियान के शुभारंभ अवसर पर महापौर के साथ स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, पार्षद पंखुड़ी जैन डोशी, रूपाली पेंढारकर, अपर आयुक्त प्रखर सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर निगम का मानना है कि इस अभियान से न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी। इंदौर को रेड स्पॉट मुक्त शहर बनाने की दिशा में यह अभियान एक अहम कदम माना जा रहा है।