मुंबई।
महाराष्ट्र के 12 जिलों में शनिवार को जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। सुबह 7:30 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 5:30 बजे तक चलेगी। मतगणना 9 फरवरी को होगी। इन चुनावों को राज्य की ग्रामीण राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
इस चुनाव में कुल 7,438 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि दो करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। सुबह से ही कई इलाकों में मतदान केंद्रों पर लोगों की कतारें देखने को मिलीं।
बारामती में सुनेत्रा पवार ने किया मतदान
बारामती में उपमुख्यमंत्री और पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने सुबह मतदान किया। उनके वोट डालने के बाद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

पहले टल गया था मतदान
यह चुनाव पहले 5 फरवरी को होने थे, लेकिन 28 जनवरी को उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के बाद राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया था। इसी वजह से मतदान की तारीख आगे बढ़ाई गई।
इन 12 जिलों में हो रहा मतदान
रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर जिलों में मतदान कराया जा रहा है।
चुनाव का पूरा गणित
जिला परिषद चुनाव
731 जिला परिषद सीटों के लिए मतदान हो रहा है।
इन सीटों के लिए 2,624 उम्मीदवार मैदान में हैं।
369 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
83 सीटें अनुसूचित जाति, 25 अनुसूचित जनजाति और 191 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

पंचायत समिति चुनाव
1,462 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है।
4,814 उम्मीदवार पंचायत समिति चुनाव लड़ रहे हैं।
731 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
166 सीटें अनुसूचित जाति, 38 अनुसूचित जनजाति और 342 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
25 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र
चुनाव आयोग के मुताबिक कुल मतदाताओं में 1 करोड़ 6 लाख से अधिक पुरुष, 1 करोड़ 1 लाख से अधिक महिलाएं और 468 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 25,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और करीब 1.28 लाख कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में तैनात हैं।
नगर निगम चुनाव में भाजपा को मिली थी जीत
इससे पहले 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनावों में भाजपा और उसके गठबंधन महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया था। 29 नगर निगमों की 2,869 सीटों में से भाजपा ने 1,425 सीटों पर जीत दर्ज की थी। एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 399 और अजित पवार की एनसीपी को 167 सीटें मिली थीं।
इन नतीजों के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक ताकत की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें 9 फरवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।