सागर (मध्य प्रदेश)। रामनवमी के पावन पर्व पर रविवार को सागर शहर के राम जानकी मंदिरों में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण तरीके से मनाया गया। दिनभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बाद शाम को भव्य शोभायात्रा और पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा का विशेष आकर्षण मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मुस्लिम समुदाय द्वारा किया गया पुष्प वर्षा और स्वागत था।

पालकी यात्रा का आगाज और झांकियों की शोभा
युवा उत्सव समिति के तत्वावधान में सिद्धेश्वर मंदिर से भगवान श्रीराम की पालकी यात्रा शुरू हुई। इस यात्रा में 20 से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल थीं, जिनमें भगवान भोलेनाथ, भगवान परशुराम और अन्य देवी-देवताओं की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। कटरा बाजार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने इन झांकियों के दर्शन किए।
यात्रा के दौरान डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया, वहीं मातृशक्ति (महिलाओं) ने चेजम (पारंपरिक लोकनृत्य) का प्रदर्शन कर यात्रा को और भी रंगीन बना दिया। तीनबत्ती तिराहे पर पहुंचने पर रंग-बिरंगी आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने यात्रा के मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया।

मुस्लिम समुदाय ने किया पुष्प वर्षा से स्वागत
शहर के शनिचरी क्षेत्र से निकाली गई भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा जब मुस्लिम बाहुल्य इलाकों से गुजरी, तो मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इसके अलावा, उन्होंने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को ठंडा शरबत पिलाकर अतिथि सत्कार किया। यह दृश्य सांप्रदायिक सद्भाव और एकता का प्रतीक बन गया।

नगर निगम की सफाई व्यवस्था
नगर निगम प्रशासन ने भी यात्रा के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा। जहां आगे शोभायात्रा निकल रही थी, वहीं पीछे-पीछे सफाईकर्मी सड़कों की सफाई करते नजर आए। इससे यात्रा के बाद भी शहर स्वच्छ और सुंदर बना रहा।
रामनवमी के अवसर पर सागर में आयोजित यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक थी, बल्कि सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी पेश की। भक्तों की अटूट आस्था और सभी समुदायों के सहयोग से यह उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
ब्यूरो रिपोर्ट – रिपब्लिक सागर मीडिया
संवाददाता – अर्पित सेन
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