मुरैना। जिले के जौरा तहसील अंतर्गत अहरौली गांव में रविवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसा हो गया। गांव स्थित माता मंदिर में चल रहे गुंबद निर्माण कार्य के दौरान पुरानी छत अचानक ढह गई। इस हादसे में मलबे में दबकर तीन मासूम बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चियां और एक दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा रविवार दोपहर करीब 2 बजे उस समय हुआ, जब मंदिर में गुंबद निर्माण के लिए पुरानी छत की पटिया तोड़ी जा रही थी। इसी दौरान छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सतीश गौड अपनी पत्नी पृथ्वी गौड के साथ मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आए थे। उन्होंने प्रसाद चढ़ाने के लिए आसपास मौजूद कुछ बच्चियों को भी मंदिर के भीतर बुला लिया। उसी दौरान छत की पटिया भरभराकर गिर गई और नीचे बैठी बच्चियां मलबे में दब गईं।
हादसे में इन बच्चियों की गई जान
- वैष्णवी सिकरवार (11 वर्ष), पुत्री जीतू सिकरवार
- छाया गोस्वामी (7 वर्ष), पुत्री अशोक गोस्वामी
- करिश्मा गोस्वामी (9 वर्ष), पुत्री अशोक गोस्वामी

हादसे में घायल
- गुंजन (12 वर्ष), पुत्री योगेंद्र सिंह
- परी (8 वर्ष), पुत्री योगेंद्र सिंह
- विद्या (6 वर्ष), पुत्री योगेंद्र सिंह
- सतीश गौड
- पृथ्वी गौड
हादसे के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मलबा हटाकर घायलों व बच्चियों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक तीन बच्चियों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद अहरौली गांव में शोक का माहौल है। मासूम बच्चियों की असमय मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।