इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में ब्रोकरशिप और कपड़े की दुकान में काम करने वाले युवकों द्वारा एक व्यापारी से लूट की वारदात को अंजाम देने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में दो पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका भी उजागर हुई है। शुरुआत में मामला पलासिया थाने पहुंचा, जहां इसे आपसी समझौते से दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब सोमवार को घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची तो तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने इस मामले में दो युवकों के खिलाफ लूट का प्रकरण दर्ज किया है, वहीं संदिग्ध भूमिका वाले दोनों पुलिसकर्मियों की जांच शुरू कर दी गई है।
एटीएम जा रहे व्यापारी से लूट, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन भी कराया
एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि 7 फरवरी को अब्दुल फहद के साथ यह वारदात हुई थी। फहद प्रॉपर्टी टैक्स की राशि एटीएम में जमा करने जा रहे थे। इसी दौरान दो युवकों ने कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उनसे लूट की वारदात को अंजाम दिया।

आरोपियों ने फहद से करीब 4 हजार यूएसटीडी (क्रिप्टोकरेंसी) अपने खाते में ट्रांसफर करवाए और लगभग 2 लाख रुपये नकद अपने पास रख लिए। मामले में सोमवार को पलासिया पुलिस ने नावेद और साहिल के खिलाफ लूट की एफआईआर दर्ज की है। वहीं, एमआईजी थाने में पदस्थ सिपाही मनोज और अविनाश की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिसकर्मियों के नाम आते ही दबाने की कोशिश
पीड़ित अब्दुल फहद ने बताया कि चंद्रलोक कॉलोनी के पास साहिल उसके पास आया था, उसके साथ नावेद और दो पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। वारदात के बाद वह शिकायत लेकर पलासिया थाने पहुंचा, लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए, मामला दबाने की कोशिश की जाने लगी।
इसके बाद पीड़ित ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत सामने आने पर अधिकारियों ने एसीपी तुषार सिंह को पलासिया थाने भेजकर पूरे मामले की जांच करवाई।
पहले से चल रहा था क्रिप्टो लेन-देन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़ित और आरोपियों के बीच पहले से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लेन-देन चल रहा था। इसी विवाद के चलते वारदात को अंजाम देने की बात भी जांच में सामने आ रही है। पुलिस अब पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
किन्नर विवाद में लापरवाही, पंढरीनाथ थाना प्रभारी लाइन अटैच
इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में किन्नरों के बीच हुए विवाद के एक मामले में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी को सोमवार को लाइन अटैच कर दिया गया। डीसीपी जोन-1 लालकृष्ण चंदानी ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
डीसीपी के अनुसार, पंढरीनाथ थाने में पदस्थ टीआई अजय राजोरिया को प्रशासनिक कारणों से पुलिस लाइन भेजा गया है। किन्नर विवाद में आरोपी रही सपना गुरु के खिलाफ दर्ज एक प्रकरण की केस डायरी समय पर न्यायालय में पेश नहीं की गई थी, जिसके चलते आरोपी को जमानत मिल गई।
पहले भी लग चुके हैं लापरवाही के आरोप
मामले की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने टीआई की भूमिका को संदिग्ध पाया। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी टीआई अजय राजोरिया पर दो साल पुराने एक शिकायती आवेदन में एफआईआर दर्ज करने में देरी के आरोप लग चुके हैं।
लगातार सामने आ रही शिकायतों और कार्यप्रणाली में लापरवाही को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने यह कदम उठाया है।