सूरजकुंड मेले के हादसे का नया वीडियो सामने आया, झूले में फंसे लोगों को बचाते दिखे पुलिसकर्मी !

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फरीदाबाद में चल रहे 39वें इंटरनेशनल सूरजकुंड मेले में 7 फरवरी को हुए झूला हादसे का एक और वीडियो सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि झूला गिरने के तुरंत बाद पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और झूले में फंसे महिलाओं व बच्चों को बचाने के लिए झूले पर चढ़कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा।

इस हादसे में हरियाणा पुलिस के एक इंस्पेक्टर की मौत हो गई थी, जबकि 12 लोग घायल हुए थे। घटना के बाद हरियाणा पर्यटन विभाग ने मेले के एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन को पूरी तरह बंद कर दिया है। हालांकि मेले के अन्य हिस्से पहले की तरह संचालित हो रहे हैं।

एम्यूजमेंट पार्क बंद, सैकड़ों दुकानों पर ताले

एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन में करीब 14 छोटे-बड़े झूले और लगभग 72 दुकानें लगाई गई थीं। इस सेक्शन के बंद होने से करीब 800 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। खिलौने, मोबाइल एक्सेसरी, कॉस्मेटिक, खाने-पीने और अन्य सामान बेचने वाले दुकानदारों की दुकानें पूरी तरह बंद पड़ी हैं।

हरियाणा पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक (MD) डॉ. पार्थ गुप्ता ने साफ किया है कि मेला समाप्त होने की तारीख 15 फरवरी तक एम्यूजमेंट पार्क सेक्शन बंद ही रहेगा। उन्होंने कहा कि दुकानों को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

दुकानदारों का दर्द: लाखों की पूंजी फंसी

दुकानदारों ने बताया कि हादसे से पहले बिक्री अच्छी चल रही थी, खासकर वीकेंड पर।
दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि उन्होंने 11 दुकानें किराए पर ली थीं, जिनके लिए 11 लाख रुपए तय हुए थे। अब तक 5 लाख रुपए जमा कर चुके थे। हर दुकान से रोजाना करीब 3 हजार रुपए की कमाई हो रही थी, लेकिन अब सभी दुकानें बंद हैं।

दिल्ली से आए खिलौना दुकानदार राम लखन ने बताया कि उन्होंने 2 दुकानों के लिए 40 हजार रुपए दिए थे। वहीं पंजाब के फरीदपुर निवासी सोनू ने 30 हजार रुपए देकर 15 दिनों के लिए 4 दुकानें बुक की थीं, लेकिन बिक्री शुरू होते ही दुकानें बंद कर दी गईं।

दिल्ली के जगदीश ने बताया कि उनकी खिलौनों की दुकान से रोजाना करीब 7 हजार रुपए की बिक्री हो रही थी। उत्तर प्रदेश निवासी अफीज रहमान ने बताया कि मोबाइल कवर की दुकान से रोजाना 3 हजार रुपए तक की कमाई हो रही थी। अब सभी दुकानदारों की आय पूरी तरह बंद हो चुकी है।

दुकानदारों की मांग है कि यदि दुकानों को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो वेंडरों को दी गई एडवांस राशि वापस की जाए।

पर्यटन विभाग का पक्ष

हरियाणा पर्यटन विभाग के MD डॉ. पार्थ गुप्ता ने बताया कि झूलों की सुरक्षा जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी, जो रोजाना निरीक्षण करती थी। हादसे वाले दिन भी जांच की गई थी। पूरे मामले में CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कमेटी के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जांच के लिए कमेटी और SIT गठित

हादसे की जांच ADC सतबीर मान की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। वहीं फरीदाबाद पुलिस ने भी एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है। ACP वरुण दहिया की अध्यक्षता में बनी SIT में NIT क्राइम ब्रांच के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर शीशपाल और सूरजकुंड थाने के सब इंस्पेक्टर संजय शामिल हैं।

पुलिस ने इस मामले में आरोपी बनाए गए वेंडर मोहम्मद शाकिल और उसके साथी नितेश को गिरफ्तार कर लिया है।

मेले के अन्य हिस्से खुले, भीड़ बरकरार

हादसे के बावजूद सूरजकुंड मेले के अन्य हिस्से—क्राफ्ट शॉप्स, फूड कोर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम—पूरी तरह चालू हैं। देश-विदेश से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं और झांकियां भी निकाली जा रही हैं। इस वर्ष मेले में 46 देशों के कलाकार और दुकानदार शामिल हैं।

हादसे के बाद 8 फरवरी की सुबह मेले में भीड़ कम रही, लेकिन शाम होते-होते बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे।

कैसे हुआ था हादसा

सूरजकुंड मेला 31 दिसंबर को शुरू हुआ था और 15 फरवरी तक चलेगा। 7 फरवरी की शाम करीब 6:15 बजे सुनामी झूले पर 26 लोग सवार थे। झूला नीचे आते समय अचानक टूटकर गिर गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। राहत कार्य के दौरान झूला रेलिंग से टकराकर और नीचे गिर गया। इस हादसे में पलवल जिले के चांदहट थाने के SHO जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए।

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