सागर जिले के देवरी में गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (एटक) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता रैली निकालते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचीं और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम नायब तहसीलदार आर.के. चौधरी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वर्षों से जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही हैं, लेकिन वेतन और सुविधाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही।
वेतन बढ़ाने और सरकारी कर्मचारी बनाने की मांग
ज्ञापन में यूनियन ने प्रमुख रूप से मांग रखी कि

- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए
- कार्यकर्ता का न्यूनतम वेतन 35 हजार रुपए प्रतिमाह
- सहायिका का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए
कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान में उन्हें करीब 15 हजार रुपए मानदेय मिलता है, जिससे परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
पोषण ट्रैकर ऐप और घटिया मोबाइल से परेशानी
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा दिया गया मोबाइल और सिम बेहद खराब गुणवत्ता का है, जिससे काम करना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने बताया कि पोषण ट्रैकर ऐप ठीक से नहीं चलता, अंग्रेजी भाषा में होने के कारण गलतियां होती हैं और फेस आईडी व ओटीपी के जरिए टेक-होम राशन वितरण करना लगभग असंभव है। इसलिए ऐप बंद करने या सुधार करने की मांग की गई है।

बीमा, पेंशन और प्रमोशन की मांग
यूनियन ने कई सामाजिक सुरक्षा मांगें भी रखीं:
- मृत्यु होने पर 1 करोड़ रुपए बीमा और अनुकंपा नियुक्ति
- ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत भुगतान
- हर 5 साल में पदोन्नति
- सहायिका से कार्यकर्ता और कार्यकर्ता से सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन
- सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष
- रिटायरमेंट के बाद 20 हजार रुपए मासिक पेंशन
- प्रतिमाह पीएफ कटौती
साथ ही 40 दिन वार्षिक अवकाश और मिनी आंगनबाड़ी से मेन आंगनबाड़ी बनने पर पूरा मानदेय देने की मांग भी रखी गई।
अन्य मांगें भी उठाईं
यूनियन ने श्रम विरोधी संहिता वापस लेने, पुरानी व्यवस्था लागू करने तथा 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल व शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट और व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
ये रहे मौजूद
प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष सूरज लोधी, निशा कुर्मी, निधि तिवारी, रागनी जैन, पीतांबरी तिवारी, रजनी अरेले, राजेश्वरी दुबे, शकुंतला चौबे, मंजू रानी, पूनम कोरी, रंजना चौरसिया सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल रहीं।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।