नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इसी के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय अब नए परिसर से काम करेंगे। 1947 से रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक में संचालित हो रहा PMO आज से सेवा तीर्थ में शिफ्ट हो गया है।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘सेवा तीर्थ’ की पट्टिका का अनावरण किया। परिसर की दीवार पर देवनागरी लिपि में ‘सेवा तीर्थ’ अंकित है और उसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ (नागरिक भगवान के समान हैं) का मंत्र लिखा गया है।
ब्रिटिश कालीन साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ से एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे पुराने PM कार्यालय में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक भी करेंगे। यह बैठक शुक्रवार शाम 4 बजे निर्धारित है।

यह ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक इमारत में आखिरी कैबिनेट बैठक होगी। करीब 78 वर्षों से यही इमारत देश की सत्ता का प्रमुख केंद्र रही है। 2014 के बाद से मोदी सरकार ने औपनिवेशिक प्रतीकों से दूरी बनाने के उद्देश्य से कई बदलाव किए हैं।
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स की संरचना
‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स में तीन इमारतें हैं:
- सेवा तीर्थ-1 : प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
- सेवा तीर्थ-2 : कैबिनेट सचिवालय
- सेवा तीर्थ-3 : NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय
कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ-2 में शिफ्ट हो चुका था। अब PMO और NSCS भी यहां से संचालित होंगे।
यह परिसर नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड पर एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव क्षेत्र में स्थित है। पहले इसका नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ था, जिसे 2 दिसंबर 2025 को बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया।
करीब 2.26 लाख वर्ग फीट (लगभग 5 एकड़) में बने इस परिसर का निर्माण ₹1189 करोड़ की लागत से एल एंड टी कंपनी ने किया है। पास में ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है, जिसके पूरा होने पर वे 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से वहां शिफ्ट होंगे।
कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन किया। इन इमारतों में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉरपोरेट मामलों, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालयों को स्थान दिया गया है।
इससे पहले गृह मंत्रालय रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक से जनपथ के कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) भवन में शिफ्ट हो चुका है। गृह मंत्रालय को नए कॉम्प्लेक्स में 347 कमरे आवंटित किए गए हैं।

सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1, 2 का निर्माण सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत हुआ है। इसी परियोजना के अंतर्गत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ का विकास किया गया है। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले इस क्षेत्र के व्यापक पुनर्विकास की योजना बनाई गई है।
6 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया था, जिसमें गृह, विदेश, ग्रामीण विकास, एमएसएमई, पेट्रोलियम और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट परिसर में कुल 10 कार्यालय भवन और एक कन्वेंशन सेंटर प्रस्तावित हैं।
डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं
कर्तव्य भवन-1 और 2 में आधुनिक डिजिटल ऑफिस, पब्लिक एरिया और सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन की व्यवस्था की गई है। इमारतों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है।
इनमें रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, जल संरक्षण तंत्र, अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली और ऊर्जा दक्ष निर्माण तकनीकों का उपयोग किया गया है। साथ ही स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, सर्विलांस नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक बनेंगे राष्ट्रीय संग्रहालय
सरकार की योजना के अनुसार, ऐतिहासिक नॉर्थ और साउथ ब्लॉक भवनों को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदला जाएगा। इसे विश्वस्तरीय संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत की 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।
सरकार का दावा
सरकार का कहना है कि दशकों से मंत्रालय अलग-अलग और पुरानी इमारतों में काम कर रहे थे, जिससे समन्वय की समस्या, संचालन में देरी और रखरखाव खर्च बढ़ता था। नए कॉम्प्लेक्स के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को एकीकृत, आधुनिक और भविष्य उन्मुख बनाया गया है।
सेवा तीर्थ के उद्घाटन के साथ केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव शुरू हो गया है।