उज्जैन में महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार से विक्रमोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। यह महोत्सव 19 मार्च तक चलेगा और इसमें संस्कृति, अध्यात्म और व्यापार का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। शाम 7:30 बजे पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्घाटन करेंगे। इसके बाद शिवनाद और शंख-डमरू वादन होगा, जिसके बाद प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या प्रस्तुत की जाएगी।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में कलश यात्रा, भारतीय परंपरा पर आधारित भव्य प्रदर्शनी और संगीत संध्या शामिल हैं। इसके साथ ही विक्रम व्यापार मेला भी शुरू होगा, जिसमें वाहनों की खरीद पर 50% तक रोड टैक्स में छूट मिलेगी। राज्य सरकार, संस्कृति विभाग, विक्रमादित्य शोधपीठ और जिला प्रशासन ने महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
आज के मुख्य आयोजन
सुबह 10 बजे शासकीय कन्या महाविद्यालय से कलश यात्रा प्रारंभ होगी, जो शोधपीठ कार्यालय तक जाएगी। सुबह 11 बजे महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ कार्यालय, विक्रम भवन और कालिदास अकादमी परिसर में विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। इस प्रदर्शनी में विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्य भारत, महाभारत कालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात और रागमाला जैसे विषयों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इस बार महाभारत पर आधारित विशेष खंड भी लगाया गया है, जिसमें युद्ध व्यूहों के मॉडल और विस्तृत जानकारी दर्शकों को मिलती है। यह उज्जैन में पहली बार आयोजित महाभारत प्रदर्शनी है, जिससे शहरवासियों और श्रद्धालुओं में खास उत्साह है।

विक्रम व्यापार मेला
इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित विक्रम व्यापार मेले में चार पहिया वाहनों के 123 स्टॉल, दोपहिया वाहनों के 40 स्टॉल और लगभग 60 फूड स्टॉल सहित कुल 223 दुकानें लगाई गई हैं। राज्य सरकार ने मेले में खरीदे जाने वाले वाहनों पर 50% तक मोटरयान कर (रोड टैक्स) में छूट की स्वीकृति दी है। कलेक्टर रोशन सिंह के अनुसार, यह मेला खरीदारों और डीलरों दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा। पिछले वर्षों में मेले में बिक्री लगातार बढ़ी है—2024 में 23,705 वाहन और 2025 में 36,223 वाहन बिके थे।
सांस्कृतिक और अध्यात्मिक प्रस्तुतियां
शिवोह्म संगीत संध्या के अलावा कलश यात्रा और भव्य प्रदर्शनी से महोत्सव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बढ़ेगा। विशेष प्रदर्शनी में महाभारत कालीन अस्त्र-शस्त्रों की प्रतिकृतियां और उनके विवरण दर्शकों को रोचक ज्ञान प्रदान करेंगे।
उज्जैनवासियों और पर्यटकों के लिए यह महोत्सव न केवल धार्मिक अनुभव बल्कि शिक्षा और व्यापार का भी अवसर लेकर आया है। इस वर्ष महोत्सव में संस्कृति, इतिहास और व्यापार का संगम विशेष रूप से दर्शनीय होगा।
मुख्य बिंदु:
- महोत्सव 15 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्घाटन करेंगे।
- कलश यात्रा, भव्य प्रदर्शनी और ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या मुख्य आकर्षण।
- विक्रम व्यापार मेले में वाहनों की खरीद पर 50% तक रोड टैक्स में छूट।
- महाभारत पर आधारित विशेष प्रदर्शनी पहली बार उज्जैन में।
इस महोत्सव से उज्जैन शहर की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।