सागर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शहर पूरी तरह शिवमय नजर आया। सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। शाम ढलते ही महाकाल हिंदू संगठन के सानिध्य में लगातार 10वें वर्ष बाबा भोलेनाथ की शाही बारात धूमधाम से निकाली गई। दूल्हा बने भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए शहरभर से श्रद्धालु उमड़ पड़े।
बारात चंपाबाग मंदिर से प्रारंभ होकर सराफा, कोतवाली, तीनबत्ती होते हुए रात करीब 10:30 बजे कटरा बाजार तीनबत्ती तिराहे पर पहुंची, जहां रंग-बिरंगी आतिशबाजी और आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ भगवान का स्वागत किया गया। तीनबत्ती क्षेत्र में हजारों की भीड़ जमा रही। घरों की छतों से आतिशबाजी की गई और श्रद्धालु इस भव्य नजारे को मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।

झांकियों और डमरू दल ने बांधा समां
बारात में राधा-कृष्ण, शिव परिवार और विभिन्न पौराणिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। डमरू दल की प्रस्तुतियों और डीजे की धुन पर शिवभक्त झूमते नजर आए। चंपाबाग मंदिर के पुजारी विशेष ड्रेस कोड में बारात में शामिल हुए। ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा।
शहर के प्रसिद्ध भूतेश्वर मंदिर, कांच मंदिर, मारकंडेश्वर, सदर, चकराघाट और धनेश्वर मंदिर सहित लगभग 10 स्थानों से भोलेनाथ की बारातें निकाली गईं।

चकराघाट की बारात में पर्यावरण संदेश
चकराघाट की शिव बारात विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए यहां 16 फीट ऊंचे मिट्टी से बने नंदी पर भगवान शिव, मां पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की झांकी सजाई गई। इस भव्य झांकी को 11 कलाकारों ने करीब डेढ़ महीने की मेहनत से तैयार किया।
इसके साथ ही भगवान शिव की पीतल की प्रतिमा को एक क्विंटल फूलों से सजी आकर्षक पालकी में विराजमान किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, रूट डायवर्ट
भव्य बारात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। हर प्रमुख चौराहे और मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। यातायात सुचारु रखने के लिए कई मार्गों को डायवर्ट किया गया। तीनबत्ती और कटरा बाजार क्षेत्र में भारी भीड़ के चलते अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।