खुरई, मध्यप्रदेश।
पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में खुरई में एक बार फिर सामाजिक समरसता और सौहार्द की अनुपम मिसाल देखने को मिली। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में कुल 697 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। यह आयोजन केवल विवाह का पर्व नहीं था, बल्कि सामाजिक एकता, सहयोग और समरसता का महाकुंभ था।

🔸 सामाजिक समरसता का महापर्व
पूर्व गृहमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने समारोह को “सामाजिक समरसता का कुंभ” करार देते हुए कहा कि ऐसी पहल राष्ट्र को जोड़ने और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने इस आयोजन को राजनीति से ऊपर उठकर मानवता और संस्कृति का उत्सव बताया।
खास बात यह रही कि उन्होंने स्वयं अनुसूचित जाति की बेटी जानकी अहिरवार का कन्यादान कर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया और जाति-धर्म के बंधनों से ऊपर उठकर समरसता की मिसाल पेश की।

🔸 सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व
इस विवाह समारोह की एक विशेषता यह भी रही कि इसमें 22 मुस्लिम बेटियों के निकाह भी एक ही पंडाल में, समान व्यवस्थाओं के साथ संपन्न हुए। इससे यह संदेश गया कि विवाह केवल एक सामाजिक रस्म नहीं बल्कि संस्कृति और सौहार्द का संगम है।
🔸 बेटियों को मिला सम्मान और सहयोग
सभी 697 वधुओं को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत ₹49,000 की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। श्री भूपेन्द्र सिंह ने व्यक्तिगत रूप से सभी वधुओं को सुहाग सामग्री और एक साड़ी उपहार में भेंट की।
इसके अतिरिक्त, सरकार की ओर से विवाह के आयोजन हेतु कुल ₹3.41 करोड़ की राशि व्यय की गई। उन्होंने कहा कि इतनी उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सामान्य परिवारों में भी संभव नहीं होतीं।

🔸 भावुक विदाई और भावनात्मक क्षण
कार्यक्रम में एक छोटे बच्चे संस्कार झा द्वारा बेटियों के लिए गाया गया विदाई गीत पूरे वातावरण को भावविभोर कर गया। यह क्षण न केवल माता-पिता के लिए भावुक था बल्कि समस्त उपस्थितजनों के लिए हृदयस्पर्शी बन गया।
🔸 समर्पण भाव से जुटा प्रशासन और समाज
इस विशाल आयोजन की सफलता के पीछे प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
एसडीएम खुरई मनोज चौरसिया, तहसीलदार यशोवर्धन सिंह, सीएमओ राजेश मेहतेले, बीएमओ डॉ. शेखर श्रीवास्तव, एसडीओपी सचिन परते, टीआई शशि विश्वकर्मा, सहित प्रशासन के हर स्तर के अधिकारी पूरी लगन से कार्यक्रम में जुटे रहे।
सभी छह भाजपा मंडलों के अध्यक्ष, महिला मोर्चा, नगरीय निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कन्याओं के पैर पूजकर उन्हें सम्मानित किया।

🔸 सांस्कृतिक रंग और पारिवारिक वातावरण
विवाह समारोह में ढपला, रमतूला वादन, दलदल घोड़ी कलाकार, डीजे, भोजन, और अन्य व्यवस्थाएं किसी पारंपरिक विवाह की तरह भव्य और व्यवस्थित थीं। पूरे कार्यक्रम में एक पारिवारिक वातावरण बना रहा जहाँ हज़ारों लोग किसी एक परिवार की बेटी की शादी में शामिल होने की भावना से उपस्थित थे।
🔸 भूपेन्द्र सिंह का संदेश
“नारी समाज की आधारशिला है। हमारी संस्कृति में बेटियों को देवी का रूप माना गया है। जिस घर में बेटी होती है, वह घर मंदिर बन जाता है। कन्यादान एक पुनीत कार्य है और मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे इसका हिस्सा बनने का अवसर प्राप्त हुआ।”
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 8 वर्षों में खुरई में 5800 से अधिक बेटियों की शादियाँ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत संपन्न हो चुकी हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार भी व्यक्त किया।

खुरई में हुआ यह भव्य विवाह समारोह केवल एक सरकारी योजना का हिस्सा नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है, जो जाति, धर्म और वर्ग भेद को समाप्त कर समरसता, सहिष्णुता और एकता का संदेश देता है। यह आयोजन भारत की गहराई में समाई उस संस्कृति को पुनः जाग्रत करता है जहाँ नारी को पूजनीय माना जाता है और समाज को जोड़ने की परंपरा निभाई जाती है।
अगर आप चाहें तो इस रिपोर्ट को समाचार पत्र के लिए लेख, समारोह की प्रेस रिलीज, या भाषण के प्रारूप में भी तैयार कर सकता हूँ।
ब्यूरो रिपोर्ट, रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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