सीतापुर। जिले के रामपुर मथुरा थाने में रविवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी समर्थकों के साथ थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। विधायक पुलिस की एक कार्रवाई से नाराज थे और संबंधित पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
थाने में विधायक और एसओ के बीच तीखी नोकझोंक
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 1 बजे विधायक समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाना पहुंचे और जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान थानाध्यक्ष संजय पांडेय से उनकी तीखी बहस हो गई।

बहस के दौरान इंस्पेक्टर ने कहा कि वे थाना छोड़ देंगे, इस पर विधायक ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि थाना किसी की जागीर नहीं है और कार्रवाई से बचने के लिए ऐसे बयान नहीं दिए जा सकते। मौके पर मौजूद लोगों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही।
नौटंकी कार्यक्रम बंद कराने का आरोप
विधायक का आरोप है कि शनिवार देर रात एक नौटंकी कार्यक्रम को पुलिस ने जबरन बंद करा दिया। उनका कहना है कि नियमों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की गई और इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने थाने में तैनात दीवान रविशंकर यादव और कांस्टेबल विनोद यादव के खिलाफ भी आपत्ति जताई।

सीओ और एसपी के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
मौके पर पहुंचे सीओ महमूदाबाद वेद प्रकाश ने विधायक को समझाने का प्रयास किया और जांच का भरोसा दिया, लेकिन विधायक संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे मामला उच्च स्तर तक ले जाएंगे।
करीब तीन बजे विधायक कुर्सी पर बैठे और उनकी फोन पर एसपी अंकुर अग्रवाल से बातचीत कराई गई। एसपी ने 24 घंटे के भीतर जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद विधायक ने धरना समाप्त कर दिया और समर्थकों के साथ लौट गए।

एएसपी को सौंपी गई जांच
एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच एएसपी दक्षिणी दुर्गेश सिंह को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हंगामे के दौरान थाना परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।