इंदौर। शहर की हीरानगर पुलिस ने सोमवार को एक नाइजीरियन युवक को गिरफ्तार किया है, जो पिछले लगभग तीन वर्षों से एक्सपायर वीजा पर अवैध रूप से इंदौर में रह रहा था। आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने हीरानगर क्षेत्र में आया था, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान डॉन पेड्रो चार्लिस, निवासी सनसिटी (मूल निवासी नाइजीरिया) के रूप में हुई है। वह कई वर्ष पहले इंदौर आया था और एक निजी बीपीओ कंपनी में कार्यरत था। वर्ष 2023 में उसका वीजा समाप्त हो गया था, लेकिन उसने न तो उसका नवीनीकरण कराया और न ही संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी।

विभागीय सूचना के बाद शुरू हुई तलाश
विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की नियमित जांच के दौरान संबंधित विभाग को वीजा समाप्त होने की जानकारी मिली। इसके बाद सूचना पुलिस को दी गई। प्रारंभिक जांच में मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र से जुड़ा पाया गया, जहां वह लंबे समय से किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार स्थान बदलता रहा और गिरफ्त से दूर था।
पुलिस अधिकारियों के क्षेत्र में रह रहा था आरोपी
चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी लसूड़िया क्षेत्र की जिस कॉलोनी में रह रहा था, वहां कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के भी बंगले स्थित हैं। इसके बावजूद वह लंबे समय तक बिना वैध दस्तावेजों के रह रहा था।
सोमवार को सूचना मिली कि वह हीरानगर इलाके में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा है। सूचना मिलते ही हीरानगर थाना पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर घेराबंदी की और मौके से उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में स्वीकार किया वीजा समाप्त होना
प्रारंभिक पूछताछ में डॉन पेड्रो ने स्वीकार किया कि उसका वीजा करीब तीन वर्ष पहले समाप्त हो चुका था। उसने जानबूझकर इस संबंध में किसी को जानकारी नहीं दी और यहीं रहकर निजी कामकाज करता रहा।
मकान मालिक से भी पूछताछ
पुलिस अब उसके मकान मालिक से भी पूछताछ कर रही है कि बिना दस्तावेजों की जांच के विदेशी नागरिक को किराए पर मकान कैसे दिया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी अन्य व्यक्ति ने उसे शरण तो नहीं दी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पासपोर्ट एक्ट एवं विदेशी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की सूचना संबंधित विदेशी पंजीयन कार्यालय (FRRO) को भी भेजी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।