भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन मंगलवार को तीखे हंगामे के बीच शुरू हुआ। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जैसे ही ‘विकसित एमपी’ का रोडमैप पढ़ना शुरू किया, विपक्षी सदस्यों ने इंदौर दूषित जलकांड और छिंदवाड़ा में कथित कफ सिरप से हुई मौतों के मुद्दे पर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
विपक्ष के शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। वहीं, सदन के बाहर भी सियासी बयानबाजी तेज रही और मोहन सरकार के मंत्रियों तथा कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।

मंत्री का पलटवार
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि सरकार की तेज कार्यशैली से कांग्रेस घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि इंदौर मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी आईएएस अधिकारी को निलंबित किया है। छिंदवाड़ा मामले में भी सरकार ने शीघ्र कदम उठाए हैं और सदन में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
काश्यप ने कहा कि यदि विपक्ष को सवाल उठाने हैं तो वह चर्चा में भाग ले, सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है।
बरैया का जवाब
मंत्री के बयान पर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने तीखा पलटवार किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आवास पर आयोजित विधायक दल की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
बरैया ने प्रधानमंत्री से जुड़े एक वीडियो का जिक्र करते हुए टिप्पणी की और कहा कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि पर ध्यान देना चाहिए।
बजट सत्र के पहले दिन ही सत्ता और विपक्ष के बीच तल्खी साफ नजर आई। आने वाले दिनों में सदन में इन मुद्दों पर विस्तृत बहस होने के आसार हैं।