ISL का भविष्य खतरे में: खिलाड़ियों ने फीफा से हस्तक्षेप की मांग की !

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नई दिल्ली। इंडियन सुपर लीग (ISL), जो भारत की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग है और जिसे कभी आईपीएल के स्तर से तुलना की जाती थी, अब बंद होने की कगार पर है। इस बार के सीजन के लिए लीग को कोई स्पोंसर नहीं मिला, जिसके चलते नया सीजन शुरू नहीं हो सका है। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने स्पॉन्सरशिप के लिए टेंडर जारी किए थे, लेकिन कोई बोली नहीं आई।

लीग का संचालन और प्रसारण संकट में

बिना कमर्शियल पार्टनर के, लीग का आयोजन और प्रसारण करना संभव नहीं है। इसके चलते पूरा सीजन खतरे में पड़ गया है और फुटबॉल प्रेमियों के लिए बड़ा झटका है। लगातार हो रही देरी और अनिश्चित भविष्य के कारण अब खिलाड़ियों ने अपनी आवाज उठाई है।

खिलाड़ियों ने वीडियो के माध्यम से किया फीफा से आग्रह

भारतीय फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी सुनील छेत्री, गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू और डिफेंडर संदेश झिंगन समेत कई घरेलू और विदेशी खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर एक संयुक्त वीडियो पोस्ट किया है। एक मिनट 27 सेकंड के इस वीडियो में कुल 11 खिलाड़ियों ने भारतीय फुटबॉल की वर्तमान स्थिति और आईएसएल की दुर्दशा को दर्शाया।

गुरप्रीत संधू ने वीडियो में कहा, “जनवरी का महीना है और हमें इस समय आपकी टीवी स्क्रीन पर इंडियन सुपर लीग के मैच खेलते हुए दिखना चाहिए था। लेकिन इसके बजाय हम मजबूरी में यह अपील कर रहे हैं।”

विदेशी खिलाड़ी ह्यूगो बुमौस ने फीफा से सीधा अनुरोध किया, “हम फीफा से अपील कर रहे हैं कि वह आगे आए और भारतीय फुटबॉल को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए। हमें उम्मीद है कि हमारा संदेश फीफा मुख्यालय तक पहुंचे।”

खिलाड़ियों का जोर: राजनीतिक नहीं, मजबूरी से उठाया कदम

खिलाड़ियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम राजनीतिक नहीं बल्कि मजबूरी से लिया गया है। प्रीतम कोटल ने कहा, “हम ह्यूमेनिटेरियन, स्पोर्ट्स और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। हमें जल्द से जल्द मदद की जरूरत है।”

अंत में सुनील छेत्री ने भावुक अपील की, “खिलाड़ियों, स्टाफ, क्लब मालिकों और फैंस सभी को स्पष्टता, सुरक्षा और भविष्य चाहिए। हम बस फुटबॉल खेलना चाहते हैं, इसमें हमारी मदद करें।”

आईएसएल का यह संकट न केवल खिलाड़ियों और क्लबों के लिए बल्कि भारतीय फुटबॉल की पूरी व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है।

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