AI पर मोदी का नया मंत्र, अंबानी का मेगा निवेश ऐलान !

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सुरक्षित और मानव-केंद्रित उपयोग पर जोर दिया गया। 16 फरवरी से शुरू हुआ यह वैश्विक सम्मेलन 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें 110 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से ज्यादा देशों के प्रमुख और करीब 100 CEOs व फाउंडर्स भाग ले रहे हैं।

समिट को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने डिजिटल कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ लगाने का नया सुझाव दिया, जबकि मुकेश अंबानी ने भारत को ‘इंटेलिजेंस युग’ में ले जाने के लिए अगले सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की। मंच पर सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन जैसे वैश्विक टेक लीडर्स भी मौजूद रहे।


प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें

1️⃣ AI में ‘भय’ नहीं, ‘भाग्य’ और भविष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कई देशों में AI को लेकर आशंका का माहौल है, वहीं भारत इसे अपने विकास का अगला टर्निंग पॉइंट मान रहा है। उन्होंने कहा कि AI भारत के ‘भाग्य’ और उज्ज्वल भविष्य का माध्यम बनेगा।

2️⃣ M.A.N.A.V (मानव) विजन

मोदी ने AI के लिए वैश्विक फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यह:

  • Moral (नैतिक)
  • Accountable (जवाबदेह)
  • National Sovereignty (संप्रभुता का सम्मान करने वाला)
  • Accessible (सुलभ)
  • Valid (वैध और सत्यापित)

होना चाहिए। उनका जोर था कि AI केवल डेटा प्रोसेसिंग टूल नहीं, बल्कि मानव कल्याण का साधन बने।

3️⃣ ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ का प्रस्ताव

जैसे खाद्य उत्पादों पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर स्पष्ट लेबल होना चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि सामग्री वास्तविक है या AI द्वारा निर्मित। इससे फेक न्यूज और डीपफेक जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

4️⃣ ओपन-सोर्स AI की वकालत

प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक को ‘ओपन शेयर’ किया जाना चाहिए ताकि दुनिया भर के युवा डेवलपर्स और रिसर्चर्स इसे और सुरक्षित व बेहतर बना सकें।

5️⃣ ह्यूमन-सेंट्रिक अप्रोच और रोजगार

उन्होंने स्पष्ट किया कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए अवसर पैदा करेगा। स्किलिंग और रिस्किलिंग को ‘मास मूवमेंट’ बनाने की जरूरत पर बल दिया गया।


अंबानी का बड़ा एलान: AI होगा डेटा की तरह सस्ता

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जैसे जियो ने डेटा को सुलभ बनाया, वैसे ही अब AI को आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने घोषणा की कि रिलायंस और जियो अगले सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे। अंबानी ने AI को “आधुनिक अक्षय पात्र” बताते हुए कहा कि यह अनंत संभावनाएं और अवसर पैदा करेगा।

उन्होंने भरोसा जताया कि AI नौकरियां नहीं छीनता, बल्कि हाई-स्किल जॉब्स और इनोवेशन के नए रास्ते खोलता है।


टेक लीडर्स की मौजूदगी और ग्लोबल संकेत

समिट में गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने भारत में 15 बिलियन डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के तहत ‘फुल-स्टैक AI हब’ स्थापित करने की घोषणा की। इसमें गीगावाट-स्केल कंप्यूटिंग और इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे शामिल होगा।

ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच प्रतिस्पर्धा भी चर्चा में रही, जब एक ग्रुप फोटो के दौरान सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के को-फाउंडर डारियो अमोदेई ने हाथ नहीं मिलाया।


टाटा ग्रुप बनाएगा ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ डेटा सेंटर

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने घोषणा की कि टाटा ग्रुप भारत का पहला लार्ज-स्केल AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बना रहा है। इसकी शुरुआती क्षमता 100 मेगावाट होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 1 गीगावाट तक किया जाएगा। यह परियोजना ओपनएआई के साथ साझेदारी में विकसित की जा रही है।


नेमप्लेट पर ‘भारत’ का संदेश

समिट के प्लेनरी सेशन के दौरान प्रधानमंत्री के सामने रखी नेमप्लेट पर देश का नाम ‘भारत’ लिखा दिखाई दिया। इससे पहले 2024 के G-20 सम्मेलन में भी इसी तरह ‘भारत’ का उपयोग किया गया था। यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की आधिकारिक पहचान को लेकर एक स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है।

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