शैलेन्द्र जैन, विधायक सागर (मध्य प्रदेश) ने प्रशासन एवं संसदीय कार्य विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लेकर सागर नगर के विकास से जुड़े अहम विषयों को प्रमुखता से रखा। बैठक में उन्होंने शहर के तेजी से हो रहे विस्तार और उससे उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
विधायक जैन ने नगर निगम सागर के सीमा विस्तार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहर की आबादी और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए वर्तमान सीमाएं अपर्याप्त हो चुकी हैं। यदि समय रहते सीमा विस्तार की प्रक्रिया को गति नहीं दी गई, तो नागरिक सुविधाओं के सुचारु संचालन में कठिनाइयां बढ़ सकती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सुनियोजित तरीके से नए क्षेत्रों को नगर निगम सीमा में शामिल कर मूलभूत सुविधाओं—जैसे सड़क, पानी, सीवरेज, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता—का विस्तार सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान नगर एवं ग्राम निवेश (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) तथा रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) से संबंधित स्वीकृतियों में हो रही अनावश्यक देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। शैलेन्द्र जैन ने कहा कि स्वीकृति प्रक्रियाओं में विलंब के कारण न केवल विकास कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि निवेशकों और आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने शहर में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों की समस्या की ओर भी समिति का ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना था कि अनियोजित विकास से भविष्य में अधोसंरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण और नियमन के लिए सख्त नीति और सतत निगरानी जरूरी है।
विधायक जैन ने कहा कि सागर एक तेजी से विकसित हो रहा शहर है और यहां की जनसंख्या, व्यापारिक गतिविधियों तथा शैक्षणिक संस्थानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दीर्घकालिक शहरी योजना की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए समन्वित नीति बनाई जाए, जिससे आने वाले वर्षों में सागर एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित हो सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि समिति स्तर पर हुई चर्चा के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और शासन-प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा। अंत में उन्होंने कहा कि सागर के सुनियोजित एवं संतुलित विकास के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे और वे नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध हैं।