दतिया में फर्जी सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर मदद के नाम पर ठगी, युवक हिरासत में !

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दतिया। जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को शिलांग (मेघालय) का निवासी और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताने वाला 33 वर्षीय युवक पुलिस और प्रशासन को गुमराह कर मदद के नाम पर पैसे ऐंठता रहा। मामला संदिग्ध होने पर इंदरगढ़ थाना पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

अलग-अलग पहचान बताकर रचता रहा कहानी

युवक ने पुलिस को अपना नाम मोहित महाजन बताया। वह कभी खुद को पंजाब के गुरदासपुर का निवासी बताता, तो कभी शिलांग का। पूछताछ में उसने कहा कि वह शिलांग में अकेला रहता है और सोशल मीडिया के जरिए उसकी दोस्ती इंदरगढ़ निवासी सुनील शर्मा से हुई थी। उसी से मिलने वह दतिया आया था।

बस में नींद की गोली और बैग चोरी की कहानी

युवक ने दावा किया कि दतिया से इंदरगढ़ जाते समय उसने बस में नींद की दवा खा ली, जिससे वह सो गया। इसी दौरान उसका बैग चोरी हो गया, जिसमें लैपटॉप, मोबाइल, कपड़े, आधार कार्ड और एचडीएफसी व एसबीआई के एटीएम कार्ड थे। इसके बाद उसने खुद को असहाय बताकर पुलिस से आर्थिक मदद मांगी।

एसपी ऑफिस और तहसील में भी मांगी मदद

जांच में सामने आया कि युवक पहले दतिया के एसपी कार्यालय पहुंचा था, जहां उसने ट्रेन में बैग चोरी होने की कहानी सुनाकर सहायता मांगी। इसके अलावा वह तहसील कार्यालय और कुछ वकीलों के पास भी गया और इसी तरह की कहानी सुनाकर पैसे ले चुका था।

कहानी बदलने से हुआ शक

इंदरगढ़ थाने में उसने ट्रेन की जगह बस में बैग चोरी होने की बात कही। इसी दौरान तहसील से थाना प्रभारी को फोन आया कि एक युवक अलग-अलग जगहों पर खुद को शिलांग का इंजीनियर बताकर मदद मांग रहा है। लगातार बदलती कहानी और अलग-अलग पहचान के चलते पुलिस को शक हुआ और उसे हिरासत में ले लिया गया।

बायोमेट्रिक जांच में भी उलझन

पुलिस ने युवक की पहचान की पुष्टि के लिए आधार सेंटर में फिंगरप्रिंट जांच कराई, लेकिन मशीन में उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं आए। इसके बाद आंखों की स्कैनिंग कराई गई। युवक ने सफाई देते हुए कहा कि वह पहले बेंगलुरु और मुंबई की आईटी साइट पर काम कर चुका है, लेकिन छह महीने पहले आंखों में दिक्कत आने के कारण नौकरी छूट गई।

गलती मानकर मांगी माफी

युवक ने स्वीकार किया कि बेरोजगारी के चलते उसने एक-दो बार गलत तरीका अपनाया। हालांकि उसने दावा किया कि उसने पैसे नहीं, सिर्फ टिकट कराने में मदद मांगी थी। पुलिस से उसने आगे ऐसी हरकत न करने का आश्वासन दिया है।

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