सागर (रहली), 25 अप्रैल 2025
एक रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे ने रहली के एक परिवार को सदमे में डाल दिया है। शहर के बायपास रोड पर एक अज्ञात ट्रक ने बाइक सवार महेश पटेल (45) को जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटों की वजह से उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सदमे की लहर दौड़ा दी है।

“घर लौट रहा था परिवार के पास, मगर मौत ने छीन लिया साथ”
महेश पटेल रहली बाजार के वार्ड नंबर 15 के रहने वाले थे। वह शाम को अपने काम से निपटाकर अपने घर वापस लौट रहे थे। तभी सर्वोदय वेयर हाउस के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की जद में आकर महेश सड़क पर जा गिरे और खून में लथपथ हो गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने उन्हें तुरंत शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रहली ले जाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए।
ड्यूटी डॉक्टर अनामिका विश्वास ने पुष्टि की कि “महेश की मौत गंभीर चोटों की वजह से हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।”

पुलिस जांच में जुटी, ट्रक ड्राइवर फरार
हादसे के बाद रहली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। एफआईआर दर्ज करके ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि ट्रक चालक ने जानबूझकर हादसे की सूचना नहीं दी और वह फरार हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “यहां अक्सर ट्रक चालक बिना स्पीड लिमिट का ध्यान रखे तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जिससे ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं। प्रशासन को इस ओर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

“पति के बिना अधूरा रह जाएगा घर” – पत्नी की आंसू भरी अपील
महेश के परिवार पर मौत का गहरा सदमा छा गया है। उनकी पत्नी और बच्चों का कहना है कि “वह रोज की तरह काम से लौट रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अब हमारा घर सूनापन लिए रहेगा।”
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- ट्रक चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
- बायपास रोड पर स्पीड ब्रेकर और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- मृतक के परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाए।
क्या सड़क सुरक्षा केवल एक नारा है?
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की गंभीर चुनौती को उजागर करता है। तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी ऐसी त्रासदियों को जन्म देती है। प्रशासन को चाहिए कि वह:
✔ नियमित चेकिंग करे और स्पीड लिमिट सख्ती से लागू करे।
✔ अंधे और खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड लगाए।
✔ हादसे के शिकार परिवारों को त्वरित न्याय दिलाए।
महेश पटेल की मौत ने न सिर्फ उनके परिवार को तोड़ दिया, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है— “क्या हम सड़कों पर सुरक्षित हैं?” जब तक सख्त कानून और जागरूकता नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
अब देखना है कि पुलिस कितनी जल्दी ट्रक ड्राइवर को पकड़ती है और प्रशासन क्या कदम उठाता है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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