सागर जिले की सबसे बड़ी रामनवमी शोभायात्रा 27 मार्च को सदर क्षेत्र में भव्य और ऐतिहासिक रूप से निकाली जाएगी। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में हिंदू महासेना संगठन की महत्वपूर्ण बैठक सदर स्थित श्री खेरमाई माता मंदिर में आयोजित की गई, जिसमें शोभायात्रा को भव्य और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने का निर्णय लिया गया।
📍 श्री खेरमाई माता मंदिर में हुई बैठक
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा की रूपरेखा तय की। हिंदू महासेना संगठन के अध्यक्ष कौशल यादव ने बताया कि इस बार की शोभायात्रा को ऐतिहासिक और आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
🎶 आकर्षण का केंद्र होंगे डीजे, बैंड और झांकियां
शोभायात्रा में धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगत देखने को मिलेगी। आयोजन में शामिल रहेंगे:
- चार बड़े डीजे
- एक बैंड पार्टी
- धमाल पार्टी
- भजन मंडली
- बुंदेली परंपरा के ढोलक और रमतूला
लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे दिन रामधुन और भक्ति गीत गूंजेंगे, जिससे सदर क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो जाएगा।
🛕 10 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा बनेगी मुख्य आकर्षण
शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण भगवान श्रीरामचंद्र की 10 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा होगी, जिसे फूलों से सजे विशेष रथ पर विराजमान किया जाएगा। यह रथ शोभायात्रा का केंद्र रहेगा और श्रद्धालु पूरे मार्ग में भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
इसके साथ ही समरसता का संदेश देती आकर्षक झांकियां भी निकाली जाएंगी, जिनमें रामायण के प्रसंगों का जीवंत चित्रण किया जाएगा।
🚩 केसरिया रंग में रंगेगा सदर क्षेत्र

पूरे सदर क्षेत्र को केसरिया झंडियों से सजाया जाएगा। प्रमुख चौराहों पर विशाल ध्वज लगाए जाएंगे। मार्ग में जगह-जगह स्वागत मंच और पुष्पवर्षा की व्यवस्था भी की जा रही है।
👩 मातृशक्ति की विशेष सहभागिता
इस वर्ष शोभायात्रा में मातृशक्ति की विशेष भागीदारी सुनिश्चित की गई है। महिलाएं भजन, कीर्तन और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर आयोजन की शोभा बढ़ाएंगी। इससे आयोजन में सामाजिक समरसता और सहभागिता का संदेश और मजबूत होगा।
✨ अनुशासन और भव्यता पर विशेष जोर
आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि शोभायात्रा को भव्यता के साथ-साथ अनुशासित तरीके से निकाला जाएगा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
सागर की यह रामनवमी शोभायात्रा हर वर्ष श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आती है। इस बार भी आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।