सागर शहर के लक्ष्मीपुरा स्थित चंपाबाग हनुमान मंदिर में बाबा महाकाल के विवाह की सुहागलों का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल हुईं और पूरे मंदिर परिसर में मंगल गीतों की गूंज सुनाई दी।
💍 सुहाग सामग्री अर्पित कर की अखंड सौभाग्य की कामना
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर विवाह के मंगल गीत गाए। श्रद्धालुओं ने माता पार्वती को चुनरी, चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, श्रृंगार सामग्री और अन्य सुहाग सामग्री अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की।
मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। फूलों और रंगोली से सुसज्जित वातावरण में भक्तिमय ऊर्जा का विशेष संचार दिखाई दिया। महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजन कर बाबा महाकाल और माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
📖 कथा वाचन से भक्तिमय हुआ माहौल

मंदिर के पुजारी रघु शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल और माता पार्वती के विवाह की पौराणिक कथा का श्रवण कराया। कथा के माध्यम से उन्होंने विवाह प्रसंग की महत्ता और दांपत्य जीवन में समर्पण, विश्वास और धर्म के महत्व को विस्तार से बताया।
कथा वाचन के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भगवान के गुणगान में लीन रहे। भजन-कीर्तन और आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
🌼 आस्था और परंपरा का संगम
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण का भी उदाहरण बना। महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
लक्ष्मीपुरा चंपाबाग हनुमान मंदिर में आयोजित बाबा महाकाल के विवाह की सुहागलों ने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद और सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की कामना की।