छतरपुर। जिले में बकाया मजदूरी के भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को एक महिला मजदूर कलेक्ट्रेट पहुंची और आत्मदाह की चेतावनी दे दी। महिला एक हाथ में पेट्रोल की बोतल और दूसरे हाथ में आवेदन लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंची, जिससे वहां हड़कंप मच गया।
महिला का आरोप है कि मध्य प्रदेश जल निगम के अधिकारियों और तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड द्वारा लाखों रुपये की मजदूरी का भुगतान रोका गया है।

23 लाख से अधिक की मजदूरी, 10 लाख से ज्यादा बकाया
महिला के साथ आधा दर्जन से अधिक मजदूर भी कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में मजदूरों ने बताया कि उन्होंने 25 जनवरी 2025 से 13 जुलाई 2025 तक कंपनी में चुनाई, प्लास्टर और अन्य निर्माण कार्य किए।
इस अवधि में उनकी कुल मजदूरी 23,11,935 रुपये बनती है। आरोप है कि अब तक केवल 12,34,935 रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि 10,77,000 रुपये अब भी बकाया हैं।
टालमटोल और मिलीभगत का आरोप

मजदूरों का कहना है कि उन्होंने कई बार भुगतान की मांग की, लेकिन कंपनी कर्मचारियों ने हर बार टालमटोल की। उनका आरोप है कि कंपनी और जल निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से शासकीय राशि का गबन किया गया है।
मजदूरों ने यह भी बताया कि जल निगम द्वारा कंपनी की वह मशीनरी जब्त कर ली गई है, जो मजदूरों के पास थी। इससे उनकी आजीविका पर और संकट गहरा गया है।
आठ महीने से नहीं मिला वेतन, भुखमरी की स्थिति
पीड़ित मजदूरों ने कहा कि पिछले आठ माह से नियमित भुगतान नहीं होने के कारण उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरी पर आश्रित होने के कारण उनके सामने रोजमर्रा के खर्च और बच्चों की पढ़ाई तक का संकट खड़ा हो गया है।
महिला मजदूर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होगी।
स्वतंत्र जांच और त्वरित भुगतान की मांग

मजदूरों ने मांग की है कि पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनकी बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन ने मजदूरों का आवेदन स्वीकार कर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।