सागर जिला प्रशासन ने बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें 9 बच्चों को भीख माँगते हुए पकड़ा गया और उनके अभिभावकों को कानूनी चेतावनी दी गई। यह अभियान कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, किशोर न्याय बोर्ड और एनजीओ की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया।

अभियान की मुख्य बातें:
- औचक छापे: टीम ने सिविल लाइंस चौराहा और बीसी बंगला क्षेत्र में अचानक छापा मारकर भीख माँग रहे बच्चों को संरक्षण में लिया।
- अभिभावकों को चेतावनी: बच्चों के माता-पिता को किशोर न्याय अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
- योजनाओं का लाभ: सदर कजली वन बस्ती और अन्य झुग्गी बस्तियों के निवासियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का आश्वासन दिया गया।
- विशेष सर्वे: जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी ने इन परिवारों की पात्रता जाँचने के लिए 48 घंटे में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

कानूनी परिणामों की जानकारी:
- किशोर न्याय बोर्ड सदस्य वंदना तोमर और चंदू शुक्ला ने अभिभावकों को बताया कि बच्चों से भीख मँगवाना अपराध है, जिस पर जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है।
- श्रम निरीक्षक जैन ने चेतावनी दी कि यदि बच्चों को फिर से भीख माँगते पाया गया, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य की कार्ययोजना:
- कलेक्टर के निर्देशानुसार, ऐसे अभियान बस स्टैंड, मंदिरों, होटलों और बाजारों में भी चलाए जाएँगे।
- आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को भीख न दें और इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) या प्रशासन को दें।

क्यों जरूरी है यह अभियान?
- बच्चों का शोषण रोकना और उन्हें शिक्षा व सुरक्षा से जोड़ना।
- भीख मँगवाने वाले गिरोहों पर अंकुश लगाना।
- सामाजिक जागरूकता बढ़ाकर बाल अधिकारों की रक्षा करना।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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