गढ़ाकोटा में 221 वर्षों पुराने रहस लोक उत्सव का आयोजन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे उद्घाटन |

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सागर के गढ़ाकोटा में 26 फरवरी से तीन दिवसीय ऐतिहासिक और प्रसिद्ध रहस लोक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 28 फरवरी तक चलेगा। मेले का शुभारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को सागर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुबह लगभग 11 बजे गढ़ाकोटा पहुंचेंगे और मेले में भाग लेकर इसे औपचारिक रूप से प्रारंभ करेंगे।

रहस मेला अपने 221 वर्षों के इतिहास के लिए जाना जाता है। यह मेला महाराजा छत्रसाल के पौत्र मर्दन सिंह जूदेव द्वारा अपने राज्याभिषेक के अवसर पर शुरू किया गया था। तब से यह मेला स्थानीय संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा बन गया है। मेला न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह क्षेत्रवासियों के लिए शासन की योजनाओं और लाभों को सीधे लोगों तक पहुँचाने का माध्यम भी है।

मेले में सांस्कृतिक और लोक गतिविधियां

मेला तीन दिनों तक चलेगा और इस दौरान शाम के समय स्थानीय और क्षेत्रीय लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां की जाएंगी। रात में मनोरंजन के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल होंगी। इससे न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा, बल्कि आने वाले पर्यटकों और मेले में शामिल लोगों को भी मनोरंजन का अवसर मिलेगा।

जिला प्रशासन और पुलिस ने मेले की तैयारियों को पूरी गंभीरता से लिया है। पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव ने मेला स्थल का निरीक्षण किया और दुकानों, काउंटरों, मंच, भीड़ प्रबंधन और हैलीपेड जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि मेले की सभी तैयारियां समय रहते पूरी हो जाएं।

शासन की योजनाओं का लाभ

मेला आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रवासियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराना है। मेले में आने वाले लोगों को कृषि आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण और शहरी आजीविका सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

इस कार्यक्रम के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जाएंगे। महिलाएं स्वयं सहायता समूहों और व्यवसायिक प्रशिक्षण के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगी।

दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं

इस मेला में विशेष रूप से दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे, जिससे लोग सरकारी सुविधाओं और लाभों के लिए पात्रता साबित कर सकें।

इसके अलावा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), जबलपुर की ओर से दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इनमें ट्रायसाइकिल, मोट्रेट ट्रायसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग, नीब्रेस, कमर के पट्टे और छड़ी जैसी आवश्यक चीजें शामिल हैं।

मेडिकल और चिन्हांकन शिविर के दौरान दिव्यांगों की जांच की जाएगी और उन्हें उचित उपकरण और सहायता प्रदान की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज

दिव्यांग प्रमाण पत्र और सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए कुछ दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा। इसमें शामिल हैं:

  • दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए: समग्र आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट फोटो, इलाज के दस्तावेज, आय प्रमाण पत्र या बीपीएल कार्ड, या सरपंच/सचिव/वार्ड प्रभारी/वार्ड पार्षद का आय प्रमाण पत्र।
  • मोट्रेट ट्रायसाइकिल के लिए: 80 प्रतिशत या अधिक अस्थिबाधित दिव्यांग प्रमाण पत्र, दोनों हाथ सही होना चाहिए, आधार कार्ड, यूडीआईडी कार्ड, आय प्रमाण पत्र या बीपीएल कार्ड।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक उपकरण: आयु 60 वर्ष से अधिक होना चाहिए, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र या बीपीएल कार्ड अनिवार्य हैं।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि मेले में सभी दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक लाभ प्राप्त कर सकें, प्रशासन ने आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया की जानकारी व्यापक रूप से लोगों तक पहुँचाई है।

प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा

जिला प्रशासन और पुलिस बल ने मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। भीड़ प्रबंधन, दुकान और काउंटरों की सुरक्षा, मेला परिसर में मंच और हैलीपेड जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया है। अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से आयोजित हो।

पूर्व मंत्री और विधायक गोपाल भार्गव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं और मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निष्कर्ष

गढ़ाकोटा का रहस लोक उत्सव न केवल सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्रवासियों के लिए शासन और प्रशासन के लाभों तक पहुँचने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। 221 वर्षों पुराने इस मेले में लोग सिर्फ मनोरंजन ही नहीं पाएंगे, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उद्घाटन के साथ यह मेला प्रारंभ हो रहा है, और तीन दिन तक आयोजित इस मेला में लोक कला, संगीत, नृत्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रम दर्शकों का ध्यान खींचेंगे।


इस संस्करण में मेले का इतिहास, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रशासनिक तैयारी, सरकारी योजनाओं की जानकारी और दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तृत विवरण शामिल है।

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