सागर में बाल श्रम उन्मूलन हेतु जनजागरूकता रैली !

Spread the love

सागर। बाल श्रम जैसी सामाजिक कुप्रथा के उन्मूलन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से कार्यालय सहायक श्रम आयुक्त, सागर द्वारा मकरोनिया चौराहा से जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986, संशोधित अधिनियम 2016 एवं 2017 के प्रावधानों को नियोजकों एवं आम नागरिकों तक पहुंचाना था।

यह आयोजन अध्यक्ष, जिला स्तरीय टास्क फोर्स एवं श्रम पदाधिकारी सागर के निर्देशन में संपन्न हुआ।


मकरोनिया चौराहा से हुआ शुभारंभ

रैली का शुभारंभ मकरोनिया चौराहा, मकरोनिया से किया गया। समाजसेवी श्रीमती कविता लारिया एवं किशोर न्याय बोर्ड सदस्य श्री चंद्रप्रकाश शुक्ला ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रैली मकरोनिया चौराहा से प्रारंभ होकर रजाखेड़ी बजरिया पहुंची तथा वहां से पुनः मकरोनिया चौराहा लौटकर संपन्न हुई। समापन अवसर पर श्री चंद्रप्रकाश शुक्ला ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बाल श्रम के दुष्प्रभावों और इसके कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला।


नारों और संदेशों से गूंजा क्षेत्र

रैली में शामिल प्रतिभागियों ने बैनर, तख्तियां, पंपलेट एवं स्टिकर्स के माध्यम से आमजन को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूक किया।
“बाल श्रम बंद करो”, “हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार” जैसे नारों से क्षेत्र गूंज उठा।

जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को बताया गया कि बाल श्रम न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिकों को नियोजित न करें तथा यदि कहीं बाल श्रम दिखाई दे तो संबंधित विभाग को सूचना दें।


विभिन्न संस्थाओं का मिला सहयोग

रैली को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग, युवा विकास मंडल एनजीओ, कृषक सेवा संघ एनजीओ, अशोका फाउंडेशन समिति एनजीओ, म.प्र. जन अभियान परिषद सागर, नवांकुर संस्था कर्रापुर सेक्टर-01, अभिनयतोष महिला बाल विकास समिति सागर, चाइल्ड लाइन एनजीओ, भारतीय बीड़ी मजदूर संघ एनजीओ सहित विभिन्न संगठनों के अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग दिया।

सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी रैली के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


आभार प्रदर्शन के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में श्री पी.के. जैन, प्रभारी सहायक श्रम पदाधिकारी ने सभी सहभागियों, स्वयंसेवकों एवं संगठनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम के उन्मूलन के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के जनजागरूकता अभियानों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और हर बच्चे को शिक्षा एवं सुरक्षित बचपन का अधिकार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *