छतरपुर। जिले के धोरी गांव स्थित एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय में 6 से अधिक छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। गुरुवार दोपहर छात्राएं रोते हुए घर पहुंचीं और परिजनों को बताया कि स्कूल में एक शिक्षक उनके साथ गलत व्यवहार करते हैं।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक संजीव चतुर्वेदी (उम्र 52 वर्ष) के खिलाफ पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2019 से स्कूल में पदस्थ बताए जा रहे हैं।
रोती हुई घर पहुंचीं छात्राएं, परिजनों में आक्रोश

परिवारों का कहना है कि इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आई थीं, लेकिन इस बार बच्चियों की मानसिक स्थिति और डर को देखकर मामला गंभीर लगा। इसके बाद ग्रामीणों ने सीधे स्कूल जाकर शिक्षक से जवाब मांगने का निर्णय लिया।
गुरुवार दोपहर गांव के कई लोग स्कूल पहुंचे। आरोप है कि छात्राओं ने वहां भी सभी के सामने अपनी बात दोहराई। माहौल तनावपूर्ण होने लगा, जिसके बाद किसी ने डायल 112 पर सूचना दे दी।
भीड़ से निकालकर शिक्षक को थाने ले गई पुलिस
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शिक्षक को भीड़ से सुरक्षित निकालकर Orchha Road Police Station ले गई। थाने में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
पुलिस ने समझाइश देकर हालात को नियंत्रित किया।
पॉक्सो और छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 9/10 (पॉक्सो) और धारा 74 (छेड़छाड़) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल एक छात्रा की मां की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। अन्य बच्चियों और अभिभावकों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
महिला जांच अधिकारी उपनिरीक्षक उमा परिहार ने बताया कि मामला गंभीर है और जांच प्रारंभिक चरण में है। बच्चियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक का पक्ष: मिड-डे मील विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपी शिक्षक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि स्कूल में मिड-डे मील को लेकर कुछ स्थानीय लोगों से उनका विवाद चल रहा है और उसी के चलते उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
धमकी देने का भी आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, बच्चियों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक उन्हें घर पर शिकायत न करने की धमकी देते थे। कहा जाता था कि यदि किसी को बताया तो पिटाई करेंगे और परीक्षा में फेल कर देंगे।
गांव के उपसरपंच अंकित सिंह का कहना है कि ग्रामीणों ने किसी प्रकार की मारपीट नहीं की, केवल शिक्षक से पूछताछ की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को बुलाया गया।
आगे की जांच जारी
पुलिस टीम ने स्कूल पहुंचकर भी प्रारंभिक पूछताछ की है। स्कूल में लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ते हैं। अधिकारियों का कहना है कि बच्चियों के बयान दर्ज होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।