केसली बाल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक: लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस, 15 दिवस का मानदेय काटने की कार्रवाई !

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सागर, 28 फरवरी 2026।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विकास परियोजना केसली की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री भरत सिंह राजपूत ने मंगल भवन केसली में समस्त पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर योजनाओं की प्रगति, ऑनलाइन डाटा प्रविष्टि और केंद्रों के संचालन की स्थिति की समीक्षा की।

योजनाओं की प्रगति पर जोर

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित किए जाएं तथा निर्धारित मीनू के अनुसार बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं नाश्ता उपलब्ध कराया जाए। पात्र हितग्राहियों को टी.एच.आर. (टेक होम राशन) का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लंबित लक्ष्यों को शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया।

1 से 15 मार्च तक स्वच्छता पखवाड़ा

बैठक में 1 मार्च से 15 मार्च 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पोषण ट्रैकर एप की समीक्षा

बैठक में पोषण ट्रैकर एप पर दर्ज डाटा, एफ.आर.एस., आभा आईडी, अपार आईडी, टी.एच.आर. एवं एच.सी.एम. की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी प्रविष्टियों को शीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए।

पोषण ट्रैकर एप पर प्रगति कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

जिन आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं की प्रगति कम पाई गई तथा जो बैठक में अनुपस्थित रहीं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिवस का मानदेय काटने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ये रहे उपस्थित

बैठक में जिला समन्वयक विवेक कुमार चौबे, पर्यवेक्षक आरती चिरवारिया, उर्मिला विश्वकर्मा, भारती मेहरा, ब्लॉक समन्वयक रानी पटैल, सहायक ग्रेड-03 सहेंजन सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोषण, स्वच्छता और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

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