सागर, 28 फरवरी 2026।
बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में सागर जिले ने आज एक ऐतिहासिक पहल की। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के पालन में कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के नेतृत्व में जिलेभर में सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत की गई।
जिला चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव ने दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शिवाजी वार्ड की कुमारी कल्पना यादव (पुत्री श्रीमती ज्योति यादव) को जिले का पहला एचपीवी टीका लगाया गया। टीकाकरण के तुरंत बाद उन्हें U-WIN पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, जो स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल और पारदर्शी स्वरूप को दर्शाता है।

सुरक्षा का पहला टीका: कल्पना बनीं अभियान की मिसाल
कुमारी कल्पना यादव को पहला टीका लगने के साथ ही जिले में इस महाअभियान का संदेश स्पष्ट हो गया—हर पात्र बेटी तक सुरक्षा कवच पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत किया।
विशेषज्ञों की निगरानी में मिशन मोड पर अभियान
यह अभियान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। कलेक्टर के मार्गदर्शन में इसे जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तार दिया गया है।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आशीष जैन, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. विपिन खटीक, संभागीय प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री नीरज नागर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं टीकाकरण दल उपस्थित रहे।

अभियान की फ्रंटलाइन टीम
टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। एएनएम सुश्री शबनम खान ने कुशलतापूर्वक टीकाकरण किया, जबकि श्रीमती बबीता गोंड एवं कुमारी पूजा पटेल ने यू-विन पोर्टल पर त्वरित पंजीयन सुनिश्चित किया।
कलेक्टर का संदेश
कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने कहा,
“सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यह टीका एक अचूक कवच है। हमारा लक्ष्य जिले की हर पात्र बेटी को इस सुरक्षा घेरे में लाना है, ताकि सागर की भावी पीढ़ी कैंसर जैसी घातक बीमारी से मुक्त रह सके।”
क्यों खास है यह महाअभियान?
1. गंभीर बीमारी से सुरक्षा:
एचपीवी संक्रमण महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का प्रमुख कारण है। यह टीका भविष्य में इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम करता है।
2. नि:शुल्क उपलब्धता:
शासन द्वारा यह टीका पूर्णतः नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि निजी बाजार में इसकी कीमत लगभग 4000 रुपये तक हो सकती है।
3. डिजिटल ट्रैकिंग:
U-WIN पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित हो रही है।

जनभागीदारी से मिलेगा लक्ष्य
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 14–15 वर्ष की अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। यह केवल एक टीका नहीं, बल्कि सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की गारंटी है।
सागर जिले की यह पहल मध्य प्रदेश को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम मानी जा रही है।