बीना/खुरई।
रविवार सुबह खुरई के खिमलासा रेलवे फाटक पर लापरवाही एक बड़े हादसे में तब्दील होते-होते बच गई। फाटक बंद किए जाने के दौरान एक पानी का टैंकर फाटक से टकरा गया, जिससे ट्रैक्टर रेल पटरियों पर जाकर फंस गया। घटना के चलते दो यात्री ट्रेनों को एहतियातन रोकना पड़ा और करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 11465 सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस के खुरई स्टेशन पहुंचने का सिग्नल मिल चुका था। गेटमैन जैसे ही खिमलासा रेलवे फाटक नंबर 6 को बंद कर रहा था, तभी गुरुकुल चौराहा की ओर से खिमलासा रोड की तरफ जा रहा पानी का टैंकर तेजी से निकलने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान वह फाटक के बूम से टकरा गया।

बूम टैंकर में फंसा, ट्रैक पर पहुंचा ट्रैक्टर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि फाटक का बूम टैंकर में फंसकर कुछ दूरी तक घिसटता चला गया। नियंत्रण बिगड़ने से टैंकर का ट्रैक्टर सीधे रेल पटरियों पर जा रुका। उस समय ट्रेन के आने की सूचना पहले ही मिल चुकी थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
टैंकर से पानी भी बहने लगा, जिससे ट्रैक के आसपास गीलापन फैल गया। गेटमैन ने तत्परता दिखाते हुए रेलवे कंट्रोल को सूचना दी, जिसके बाद संबंधित ट्रेनों को तुरंत रोका गया।
दो ट्रेनों को रोका गया
घटना के कारण सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस को खुरई स्टेशन के आउटर पर रोकना पड़ा। वहीं बीना-कटनी मेमू को बघोरा रेलवे स्टेशन पर लगभग 15 मिनट तक खड़ा रखा गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रैक क्लियर होने तक ट्रेनों की आवाजाही रोकी गई। यदि समय रहते ट्रेन नहीं रोकी जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। क्षतिग्रस्त फाटक को हटाने और ट्रैक को सुरक्षित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की गई। करीब 15 मिनट बाद ट्रैक को क्लियर घोषित किया गया और राजकोट एक्सप्रेस को आगे बढ़ाया गया।
बाद में अस्थायी गेट लगाकर सड़क यातायात को नियंत्रित किया गया। रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि स्थायी मरम्मत का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
वाहनों की लंबी कतार
फाटक क्षतिग्रस्त होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक रेलवे फाटक बंद रहा, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ बाइक चालक जोखिम उठाकर निकलने की कोशिश करते रहे, जबकि चारपहिया वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शी संजय जैन ने बताया कि गेटमैन फाटक बंद कर रहा था, लेकिन टैंकर चालक जल्दबाजी में निकलने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान टक्कर हो गई और फाटक टूट गया।
आरपीएफ ने शुरू की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही सामने आई है। रेलवे नियमों के अनुसार, फाटक बंद होते समय किसी भी वाहन को पार करने की अनुमति नहीं होती।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है।
टला बड़ा हादसा
यह घटना एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है। यदि ट्रेन समय पर नहीं रोकी जाती, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे फाटक बंद होते समय धैर्य रखें और नियमों का पालन करें।
खुरई का यह हादसा भले ही बिना किसी जनहानि के टल गया, लेकिन इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि ट्रैफिक नियमों और रेलवे सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितना बड़ा खतरा पैदा कर सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोषी चालक के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।