बीना।
मुड़िया देहरा गांव में पारिवारिक विवाद ने रविवार को खतरनाक मोड़ ले लिया, जब एक चचेरे भाई पर किसान के खेत में आग लगाने का आरोप लगा। घटना में डेढ़ एकड़ में खड़ी तेवड़ा की फसल जलकर राख हो गई। हालांकि ग्रामीणों की तत्परता से आग को समय रहते बुझा लिया गया, जिससे आसपास के खेतों में खड़ी अन्य फसलें सुरक्षित बच गईं।
पीड़ित किसान काशीराम अहिरवार ने भानगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपने चचेरे भाई प्रेम नारायण पर जानबूझकर आग लगाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद आरोपी मौके से अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गया।
खेत में धधक उठी फसल
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर गांव के बाहरी हिस्से में स्थित काशीराम अहिरवार के खेत से अचानक धुआं उठता देखा गया। पास के किसानों और ग्रामीणों ने जब मौके पर पहुंचकर देखा तो तेवड़ा की फसल में आग लगी हुई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि उन्होंने प्रेम नारायण को खेत के पास संदिग्ध परिस्थितियों में देखा था। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने उसे आग लगाते हुए भी देखा। जैसे ही लोगों ने शोर मचाया, आरोपी वहां से भाग निकला और अपनी बाइक खेत के पास ही छोड़ गया।

ग्रामीणों ने दिखाई सतर्कता
आग तेजी से फैल रही थी और हवा के कारण पास के खेतों तक पहुंचने का खतरा था। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए बाल्टियों, पाइप और उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास की कई एकड़ फसल भी चपेट में आ सकती थी। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस समय खेतों में खड़ी फसल किसानों की सालभर की मेहनत का परिणाम होती है, ऐसे में आगजनी जैसी घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है।
पारिवारिक विवाद की पृष्ठभूमि
पीड़ित किसान ने पुलिस को बताया कि उनके और आरोपी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी रंजिश के चलते आग लगाने की घटना को अंजाम दिया गया।
किसान काशीराम का कहना है कि यह सीधी-सीधी बदले की कार्रवाई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद भानगढ़ थाना पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। खेत के पास मिली बाइक को जब्त कर लिया गया है, जो आरोपी की बताई जा रही है।
प्रारंभिक तौर पर मामला आगजनी और आपराधिक कृत्य का प्रतीत हो रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं थी।
किसान की आर्थिक चिंता
तेवड़ा की फसल जलने से किसान को आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, फिर भी डेढ़ एकड़ में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। किसान का कहना है कि यह फसल उसकी आय का महत्वपूर्ण स्रोत थी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसान को मुआवजा दिया जाए और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि रंजिश के चलते कोई फिर से ऐसी घटना न कर सके।
गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पारिवारिक विवाद इस हद तक पहुंच गया कि खेत में आग लगाने जैसी गंभीर वारदात हो गई। पंचायत स्तर पर भी मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
गांव के कुछ लोगों ने कहा कि आपसी विवाद का समाधान कानूनी और सामाजिक माध्यमों से होना चाहिए, न कि हिंसक तरीकों से। आगजनी न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि पूरे गांव की शांति भंग करती है।
सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़ित किसान ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों में सख्ती नहीं बरती गई तो भविष्य में और लोग भी इसी तरह कानून को हाथ में लेने की कोशिश कर सकते हैं।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या पीड़ित किसान को न्याय मिल पाता है।
बीना के मुड़िया देहरा गांव की यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि पारिवारिक विवाद यदि समय रहते सुलझाए न जाएं, तो वे गंभीर और खतरनाक रूप ले सकते हैं।