अमेरिका–इजराइल के हमलों और ईरान के जवाब के बीच दुबई में फंसे भारतीयों की मुसीबत !

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नेता, बिजनेसमैन और महाकाल मंदिर के पुजारी सहित कई हैं सुरक्षित वापसी की उम्मीद में

दुबई/इंदौर/उज्जैन।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियान लगातार दूसरे दिन भी जारी हैं, वहीं ईरान ने इस क्षेत्र के कई देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन घटनाओं के कारण मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में हवाई संचालन और उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
खाली करने, सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों के बावजूद दुबई समेत खाड़ी राष्ट्रों के कई हिस्सों में स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है, जिससे वहां फंसे भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।

खासतौर पर दुबई में भारतीयों की संख्या काफी अधिक है, जिनमें इंदौर के वरिष्ठ नेता, बिजनेसमैन, उद्योगपतियों के साथ-साथ उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के पुजारी भी शामिल हैं।

दुबई में फंसे भारतीय, लाइव वीडियो के जरिए मदद की मांग

दुबई में फंसे पूर्व विधायक संजय शुक्ला ने हालात की गंभीरता को दर्शाते हुए एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने अपने पीछे उठते धुएं और आग के गुबार को दिखाते हुए बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार धमाकों की आवाज़ें और मिसाइल/ड्रोन हमलों के संकेत देखे जा रहे हैं।

शुक्ला ने कहा कि दुबई में कई स्थानों पर “बम गिरने की घटना” के संकेत सामने आए हैं और यह स्थिति आम नागरिकों के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्थानीय नागरिक सुरक्षित स्थानों पर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं के बंद होने और सुरक्षा कारणों से वे भारत लौटने में असमर्थ हैं।

शुक्ला ने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सहायता की गुहार लगाई है, ताकि सभी भारतीयों को सुरक्षित रूप से वतन वापस लाया जा सके।

दुबई में सुरक्षा उपाय और स्थानीय स्थितियाँ

दुबई प्रशासन ने नागरिकों को घरों में रहने और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली आवाजाही को सीमित रखने का निर्देश जारी किया है। स्थानीय अधिकारियों ने सायरन बजाकर नागरिकों से सतर्क रहने कहा है और आपातकालीन संदेश भेजे हैं ताकि लोग सुरक्षित स्थान खोज सकें।

धमाकों और संभावित हमलों के कारण एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, और कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं। इस दिशा में लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं और यात्रियों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक चैनलों से ही जानकारी ले।

कौन-कौन हैं फंसे भारतीय

दुबई में फंसे भारतीयों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • विशाल पटेल (इंदौर के व्यवसायी)
  • प्रवीण कक्कड़ (उद्योगपति)
  • मनीष सहारा (सहारा ग्रुप)
  • संजय अग्रवाल (अग्रवाल ग्रुप)
  • पिंटू छाबड़ा (सी21 ग्रुप)
  • गोलू पाटनी
  • और कई अन्य व्यापारी, उद्योगपतियों सहित व्यापारी वर्ग के लोग

इनके अलावा उज्जैन के महाकाल मंदिर के पुजारी विकास शर्मा भी दुबई में फंसे हैं। वे पांच दिवसीय ज्योतिष सम्मेलन में हिस्सा लेने दुबई गए थे। सम्मेलन के बाद उन्हें लौटना था, लेकिन क्षेत्र में बिगड़ते हालात के कारण वह भी वहीं फंस गए हैं।

वे बुर्ज खलीफा के नजदीक स्थित अपने आवास से वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। उनका परिवार भारत में चिंतित है और सरकार से सुरक्षित निकासी की मांग कर रहा है।

फ्लाइट रद्द होने के कारण फंस गए लोग

पीड़ितों के परिवारों ने बताया कि 28 फरवरी की रात वे भारत लौटने के लिए फ्लाइट में सवार हुए थे। विमान में करीब ढाई घंटे बैठकर उड़ान का इंतज़ार किया, लेकिन बाद में एयरपोर्ट प्राधिकरण ने सुरक्षा कारणों से फ्लाइट रद्द कर दी। इसके बाद दुबई, शारजाह और अबू धाबी एयरपोर्ट बंद करने की घोषणा भी कर दी गई।

फ्लाइट्स रद्द होने और हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण हजारों यात्री और भारतीय नागरिक अब तक दुबई में फंसे हुए हैं।

खतरे के बीच निरंतर एडवाइजरी जारी

दुबई प्रशासन ने लगातार सुरक्षा एडवाइजरी, सायरन चेतावनी और आपातकालीन संदेश जारी किए हैं। स्थानीय स्तर पर नागरिकों को कहा जा रहा है कि वे बिना अत्यावश्यक कारण घर से बाहर न निकलें।

रात भर शहर में सायरन बजते हैं और स्थानीय मीडिया एवं प्रशासनिक चैनलों पर नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा जाता है।

भारतीय मिसन और सरकार की भूमिका

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) और भारतीय दूतावास ने अब तक आधिकारिक रूप से बयान जारी किया है कि वह स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और भारतीय नागरिकों के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।

MEA ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी स्थिति में आधिकारिक हेल्पलाइन और वेबसाइटों के माध्यम से अपडेट लेते रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

चिंता, आशा और सुरक्षित वापसी की गुहार

दुबई में फंसे लोगों की हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। जहां एक ओर सैन्य तनाव और सुरक्षा खतरों का असर है, वहीं दूसरी ओर परिवार अपने प्रियजनों के सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठा है।

संजय शुक्ला, विकास शर्मा और अन्य भारतीयों की ओर से लॉन्च की गई मदद की गुहार ने यह दिखा दिया है कि किसी भी परिस्थिति में नागरिकों की जान सुरक्षित लौटाना प्राथमिक आवश्यकता है।

अब नज़रें उस समय टिकी हैं जब सरकार, एयरलाइंस और अंतरराष्ट्रीय संगठन मिलकर सुरक्षित मार्गों की व्यवस्था करें और फंसे हुए नागरिकों को घर वापस लाने की प्रक्रिया को शुरू करें।

इस संकट के बीच एक बात स्पष्ट है: दुबई में फिलहाल स्थिति अस्थिर है, लेकिन हर भारतीय सुरक्षित लौटने की उम्मीद लेकर इंतज़ार कर रहा है।

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