छतरपुर के अटल सभागृह में रविवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी की संयुक्त ‘संकल्प यात्रा’ के दौरान जमकर हंगामा हो गया। कार्यक्रम के बीच मंच के नीचे दो पक्षों में अचानक कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस और पार्टी पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। कुछ देर बाधित रहने के बाद सभा दोबारा शुरू हुई।
सभा के दौरान तनावपूर्ण माहौल
रविवार दोपहर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंच के सामने बैठे दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हॉल में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और शांति व्यवस्था कायम कराई।

दामोदर यादव का तीखा संबोधन
सभा को संबोधित करते हुए पार्टी नेता दामोदर यादव ने बिना नाम लिए कुछ धार्मिक कथावाचकों और कथित पाखंडवाद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संविधानवादी शक्तियां आडंबर और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष कर सामाजिक न्याय स्थापित करना चाहती हैं।
उन्होंने ‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा पर भी कटाक्ष किया। साथ ही इशारों में बड़ा मलहरा विधायक राम सिया भारती को “छोटी बहन” और छतरपुर विधायक ललिता यादव को “बड़ी बहन” कहकर राजनीतिक टिप्पणी की।
2028 का लक्ष्य और आरक्षण पर बयान

मीडिया से बातचीत में दामोदर यादव ने कहा कि यह यात्रा किसी टिकट न मिलने की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि वर्ष 2028 को लक्ष्य बनाकर ओबीसी, एससी और एसटी समाज को संगठित करने की पहल है।
उन्होंने उच्च शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी नियमों को लागू करने की मांग की। साथ ही 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव कर उसे हटाने की बात कही, जिसे उन्होंने सामाजिक न्याय से जोड़ा।
अंबेडकर प्रतिमा स्थापना की मांग
सभा के दौरान दामोदर यादव ने घोषणा की कि 14 मार्च 2026 को ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने इसे दलित-बहुजन समाज के सम्मान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक बताया।
सभा से पहले पुलिस की कार्रवाई

कार्यक्रम से पहले विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए। ललौनी तिराहे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे दर्जनों युवाओं को सिविल लाइन पुलिस ने हिरासत में लिया।
इसके अलावा परशुराम सेना के सागर संभाग अध्यक्ष विनोद मिश्रा और जिला अध्यक्ष रोहित सहित कई पदाधिकारियों को उनके घरों में नजरबंद किया गया। एडिशनल एसपी आदित्य पटले के नेतृत्व में पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल और मोबाइल टीमें तैनात रहीं।
सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम
भारी पुलिस बंदोबस्त और सतर्कता के बीच कार्यक्रम का समापन कराया गया। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।