सागर में फ्लिपकार्ट पर 5 हजार का जुर्माना, आईफोन की जगह भेजा चार्जर |

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स्थान: सागर
कंपनी: Flipkart
उत्पाद: Apple का iPhone
निर्णय देने वाली संस्था: जिला उपभोक्ता विवाद परितोषण आयोग, सागर


🔎 क्या है पूरा मामला?

सागर के नेहानगर मकरोनिया निवासी उत्कर्ष मिश्रा ने 8 अक्टूबर 2023 को फ्लिपकार्ट से एक एप्पल आईफोन ऑर्डर किया था।

  • 📱 कीमत: ₹76,097
  • 💸 डिस्काउंट: ₹13,901
  • 💳 ईएमआई: ₹8,850 प्रति माह
  • 🧾 प्रोसेसिंग फीस: ₹1,832

ऑर्डर के अनुसार मोबाइल और चार्जर 18 अक्टूबर 2023 तक डिलीवर होना था।

लेकिन 14 अक्टूबर को ग्राहक को सिर्फ चार्जर भेज दिया गया। कंपनी ने ईमेल के जरिए बताया कि मोबाइल 18 अक्टूबर तक मिल जाएगा।

17 अक्टूबर को बिना ग्राहक की सहमति के मोबाइल का ऑर्डर कैंसिल कर दिया गया।


💰 पैसे वापसी में कटौती

  • जमा राशि ₹8,850 में से
  • ₹1,832 प्रोसेसिंग फीस काट ली गई
  • ₹7,196 ग्राहक के खाते में वापस किए गए

इसके बाद कंपनी ने ग्राहक से ₹3,504 (चार्जर की कीमत) जमा करने की मांग की।

ग्राहक ने कहा कि जब मोबाइल का ऑर्डर कंपनी ने खुद रद्द किया है, तो चार्जर का कोई उपयोग नहीं है। उसे वापस लेकर पूरी राशि लौटाई जाए।

आरोप है कि राशि जमा न करने पर सिविल खराब करने की धमकी दी गई, जिसके बाद 1 नवंबर 2023 को ग्राहक ने ₹3,504 जमा कर दिए।


⚖️ आयोग का फैसला

मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद परितोषण आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा ने की। साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने माना कि कंपनी ने सेवा में कमी (Deficiency in Service) की है।

📌 आयोग के आदेश

कंपनी को निर्देश दिए गए कि:

  1. 📦 चार्जर 15 दिन के भीतर वापस लें और रसीद दें।
  2. 💵 चार्जर की कीमत ₹3,504 + प्रोसेसिंग फीस ₹1,832 = ₹5,336 लौटाएं।
  3. 💰 इस राशि पर आदेश दिनांक से भुगतान तक 6% ब्याज दें।
  4. 😔 मानसिक प्रताड़ना व सेवा में कमी के लिए ₹5,000 मुआवजा दें।
  5. ⚖️ परिवाद व्यय के रूप में ₹2,000 अलग से अदा करें।
  6. ⏳ यह पूरी राशि 2 माह के भीतर चुकानी होगी।

🧾 कुल भुगतान कितना?

मदराशि
चार्जर + प्रोसेसिंग फीस₹5,336
मानसिक प्रताड़ना₹5,000
परिवाद व्यय₹2,000
कुल (बिना ब्याज)₹12,336 + 6% ब्याज

📢 क्या है इस फैसले का महत्व?

  • ऑनलाइन खरीदारी में कंपनी मनमाने तरीके से ऑर्डर कैंसिल नहीं कर सकती।
  • प्रोसेसिंग फीस बिना सेवा दिए नहीं काटी जा सकती।
  • उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा मिल सकता है।
  • उपभोक्ता फोरम ऑनलाइन शॉपिंग विवादों में भी राहत देता है।

यह फैसला ऑनलाइन खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि यदि कंपनी की गलती से नुकसान होता है तो उपभोक्ता अपने अधिकारों के लिए आयोग में शिकायत कर सकते हैं।

अगर आप चाहें तो मैं बता सकता हूँ कि उपभोक्ता आयोग में शिकायत कैसे दर्ज करें।

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