सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में 55 आउटसोर्स कर्मचारियों को अचानक सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किए जाने पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। कर्मचारियों ने इसका विरोध करते हुए शुक्रवार को भारतीय मजदूर संघ के साथ प्रदर्शन किया, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उन्हें सेवा बहाल रखने का आश्वासन दिया।

प्रमुख घटनाक्रम:
- नोटिस जारी होने पर कर्मचारियों का आक्रोश:
- हाईट्स और एजाइल कंपनी के तहत कार्यरत 55 कर्मचारियों (जिनमें सफाईकर्मी, वार्ड बॉय, अन्य सहायक स्टाफ शामिल हैं) को सेवा समाप्ति का नोटिस मिला।
- कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन से पूछताछ की, तो उन्हें बताया गया कि “डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के आदेश पर यह नोटिस जारी किया गया है।”
- डीन कार्यालय पहुंचा विरोध प्रदर्शन:
- कर्मचारी “हमारी नौकरी बचाओ” के नारे लगाते हुए डीन के कार्यालय पहुंचे।
- डीन ने प्रारंभ में शांत रहने की अपील की, लेकिन भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों के साथ कुछ देर बहस भी हुई।
- डीन का आश्वासन:
- डीन डॉ. ठाकुर ने स्पष्ट किया कि “शासन के निर्देशों के तहत प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन किसी की नौकरी नहीं जाएगी।”
- उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को अनस्किल्ड पदों पर स्थानांतरित किया जाएगा और कंपनियों से समन्वय कर लिया गया है।

मजदूर संघ की मांगें:
- आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- कॉलेज प्रशासन द्वारा कर्मचारियों के साथ पारदर्शी तरीके से संवाद किया जाए।
- भविष्य में ऐसे नोटिस जारी करने से पहले कर्मचारियों से सलाह-मशविरा किया जाए।
प्रतिक्रियाएँ:
- भारतीय मजदूर संघ के नेता: “यह नोटिस अचानक और अमानवीय था। हम कर्मचारियों के हक के लिए लड़ते रहेंगे।”
- एक प्रभावित कर्मचारी: “हमने वर्षों से यहाँ काम किया है। अचानक नोटिस मिलने से हमारे परिवारों में दहशत फैल गई।”
इस घटना ने आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी की अस्थिरता को उजागर किया है। हालांकि, डीन के हस्तक्षेप से तात्कालिक विवाद थम गया, लेकिन कर्मचारी अब प्रशासनिक पारदर्शिता और दीर्घकालिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237