भोपाल के बड़ा तालाब किनारे फिर से सीमांकन की कार्रवाई शुरू हुई !

Spread the love

भोपाल। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब (भोजताल) के किनारे अतिक्रमण की जांच और सीमांकन की कार्रवाई पांच दिन के अंतराल के बाद गुरुवार को फिर से शुरू हो गई। जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम बैरागढ़ तहसील क्षेत्र के लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा गांव पहुंची, जहां तालाब के किनारे सीमांकन का कार्य किया गया। इस दौरान तालाब के 50 मीटर दायरे में 100 से अधिक अतिक्रमण चिन्हित किए गए।

जानकारी के अनुसार टीम ने करीब चार घंटे तक क्षेत्र में सर्वे और सीमांकन की कार्रवाई की। इस दौरान तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के आधार पर 50 मीटर की सीमा तय करते हुए कई स्थानों पर लाल निशान लगाए गए। इन निशानों के माध्यम से उन स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां तालाब की सीमा के भीतर अतिक्रमण किया गया है।

सीमांकन के दौरान बोरवन गांव की बूढ़ागांव झुग्गी बस्ती और बेहटा की झुग्गी बस्ती में भी बड़ी संख्या में अतिक्रमण पाए गए। सर्वे के दौरान सामने आया कि तालाब के 50 मीटर के दायरे में करीब 100 झुग्गियां आ रही हैं। टीम ने इन सभी स्थानों को चिन्हित कर लाल निशान लगा दिए हैं, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर प्रशासनिक टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। बेहटा क्षेत्र में एक व्यक्ति ने टीम से सवाल करते हुए पूछा कि यहां लाल निशान लगाने की अनुमति किसने दी है। इस दौरान उसने टीम के सदस्यों के साथ अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। हालांकि अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए सीमांकन का कार्य जारी रखा।

इससे पहले 28 फरवरी को हलालपुरा क्षेत्र में भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई थी। उस दौरान तालाब किनारे बने एक गार्डन की बाउंड्रीवॉल और गोदाम को तोड़ दिया गया था। इसके बाद होली के त्योहार के चलते कार्रवाई कुछ दिनों के लिए धीमी पड़ गई थी, जिसे अब फिर से तेज कर दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार फिलहाल बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में बड़े तालाब के किनारे अतिक्रमण की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी सीमांकन किया जाएगा।

प्रशासन के मुताबिक अगले सप्ताह टीटी नगर सर्कल में भी सीमांकन की कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह क्षेत्र तालाब किनारे का सबसे प्रमुख और महंगा इलाका माना जाता है, जहां कई होटल, रेस्टोरेंट, सरकारी कार्यालय और आवासीय कॉलोनियां स्थित हैं। बताया जा रहा है कि यहां कई प्रभावशाली लोगों की जमीनें भी मौजूद हैं।

प्रशासन का कहना है कि सीमांकन की इस कार्रवाई से तालाब के आसपास हुए अतिक्रमण और निर्माण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *