अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर निकाली जा रही जन आक्रोश यात्रा सोमवार देर शाम छतरपुर पहुंची। इस दौरान बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में शहर के छत्रसाल चौराहा से मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और पृथक बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में जमकर नारे लगाए।
आंदोलन के लिए छतरपुर अहम पड़ाव
मशाल जुलूस के दौरान भानू सहाय ने कहा कि महाराजा छत्रसाल की वीरभूमि छतरपुर में जन आक्रोश यात्रा का पहुंचना आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि छतरपुर की धरती शौर्य, स्वाभिमान और संघर्ष की ऐतिहासिक गाथाओं से जुड़ी रही है, जो इस आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
छत्रसाल की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा आंदोलन
भानू सहाय ने कहा कि जिस तरह महाराजा छत्रसाल ने बुंदेलखंड की अस्मिता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, उसी प्रेरणा से आज अलग बुंदेलखंड राज्य के निर्माण के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि वीरता और बलिदान की यह भूमि राज्य निर्माण की इस मांग को और मजबूती देगी।
16 फरवरी से शुरू हुई थी यात्रा

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा द्वारा आयोजित यह जन आक्रोश यात्रा 16 फरवरी को चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर से शुरू हुई थी। यात्रा बुंदेलखंड क्षेत्र के कई जिलों से गुजरते हुए आगे बढ़ रही है।
यात्रा चित्रकूट से निकलकर बांदा, पन्ना, दमोह, सागर, टीकमगढ़, ललितपुर, दतिया, जालौन, हमीरपुर और महोबा होते हुए छतरपुर जिले में पहुंची है। रास्ते में पड़ने वाले गांवों और कस्बों में लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग का समर्थन किया।
13 मार्च को ओरछा में होगा समापन
आयोजकों के अनुसार यह जन आक्रोश यात्रा 13 मार्च को ओरछा धाम स्थित रामराजा सरकार के दरबार में पहुंचकर समाप्त होगी। यात्रा के माध्यम से पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
एक लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
यात्रा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने का वादा तीन वर्षों में पूरा करने की बात कही गई थी, लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी राज्य का गठन नहीं हो सका। इसी के विरोध में पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में आंदोलन चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से एक लाख लोगों को आंदोलन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि राज्य निर्माण की मांग को और मजबूत किया जा सके।
अधिवक्ताओं से भी किया जनसंपर्क
छतरपुर पहुंचने पर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने छतरपुर कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं से भी जनसंपर्क किया। अधिवक्ताओं ने भी पृथक बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में आवाज उठाते हुए प्रधानमंत्री से जल्द राज्य गठन की मांग की।
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मशाल जुलूस में शामिल होकर आंदोलन को समर्थन दिया।