दमोह में TET के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन !

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दमोह जिला मुख्यालय पर शुक्रवार शाम सैकड़ों शिक्षकों ने अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए राज्य सरकार से इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षक सुरेंद्र राय ने बताया कि इस परीक्षा से जुड़े कई तकनीकी बिंदु हैं। उनका कहना है कि यदि मध्य प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करती है, तो अन्य राज्यों की तरह यहां भी इस परीक्षा को निरस्त किया जा सकता है।

30 साल बाद परीक्षा लेने पर जताई आपत्ति

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि कई शिक्षक पिछले 25 से 30 वर्षों से सेवा दे रहे हैं। इतने लंबे समय बाद उनसे अनिवार्य पात्रता परीक्षा लेने का फैसला उचित नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार कर्मचारियों की परीक्षा लेना चाहती है, तो अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी ऐसी ही व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

मानसिक प्रताड़ना का भी लगाया आरोप

शिक्षकों ने आरोप लगाया कि एसआईआर सर्वे और अधिकारियों के दबाव के कारण शिक्षकों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इसी तरह की परिस्थितियों के चलते पहले भी कई शिक्षकों की मौत हो चुकी है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।

कई शिक्षक संगठनों का मिला समर्थन

इस प्रदर्शन में अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा, शासकीय शिक्षक संगठन सहित कई अन्य शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों का विरोध किया और सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार से टकराव नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।

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