सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए दो प्राचार्यों और एक शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जांच प्रतिवेदनों में प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद की गई है।
सागर जिले के बीना विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भानगढ़ के प्रभारी प्राचार्य दीपचन्द्र चौधरी को गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया है। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग के प्रस्ताव पर यह कार्रवाई की गई। जिला शिक्षा अधिकारी सागर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार चौधरी के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच बीना के अनुविभागीय अधिकारी एवं दण्डाधिकारी द्वारा गठित दल से कराई गई थी। जांच में वित्तीय अनियमितताएं, नियम विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की भर्ती, कस्तूरबा बालिका छात्रावास भानगढ़ में अनुचित स्थिति में प्रवेश तथा महिला शिक्षकों के साथ अशोभनीय व्यवहार जैसी शिकायतें प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई गईं। साथ ही समग्र शिक्षा से संचालित छात्रावास में नियम विरुद्ध वार्डन की नियुक्ति भी सामने आई।

इसी तरह निवाड़ी जिले के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुछीकरगुवां में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षिका कु. नीतिका तिवारी को अनुशासनहीनता और स्टाफ के साथ लगातार विवाद की शिकायतों के चलते निलंबित किया गया है। निवाड़ी कलेक्टर के अनुसार तिवारी के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच जिला शिक्षा अधिकारी निवाड़ी द्वारा गठित दल से कराई गई थी। जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि वह अक्सर विद्यालय के स्टाफ से विवाद करती थीं, जिससे अन्य कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान रहते थे और विद्यालयीन कार्य प्रभावित हो रहे थे।
इसके अलावा छतरपुर जिले के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खजुराहो में पदस्थ प्राचार्य गणेश यादव को भी अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया है। कलेक्टर छतरपुर के अनुसार यादव के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कराई गई थी। जांच में यह सामने आया कि उन्होंने शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डहर्रा में प्राचार्य रहते हुए सत्र 2018-19 और 2019-20 के दौरान अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं और अन्य वित्तीय गड़बड़ियां भी कीं।
तीनों मामलों में संबंधित अधिकारियों के कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन पाए जाने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी द्वारा यह निलंबन कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन के नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।