जयपुर में सीएम मोहन यादव की नामी उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात, एमपी में निवेश को बढ़ावा !

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मोहन यादव आज जयपुर के आईटीसी राजपूताना में नामी उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। इस इंटरएक्टिव सेशन का उद्देश्य मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर उद्योग जगत को जानकारी देना और उन्हें राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करना है। सेशन में मुख्यमंत्री राज्य की नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक तत्परता और निवेश समर्थक दृष्टिकोण को उद्योगपतियों के सामने प्रस्तुत करेंगे।

सेशन के दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति, क्षेत्रवार प्रोत्साहन, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता, अधोसंरचना विस्तार, लॉजिस्टिक नेटवर्क, कौशल विकास तंत्र और त्वरित स्वीकृति प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राघवेन्द्र कुमार सिंह उद्योगपतियों को राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी देंगे।

मुख्यमंत्री व्यक्तिगत संवाद के तहत चयनित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। इसमें प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी, जिससे निवेशकों को नीति स्थिरता, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध निर्णय लेने की प्रक्रिया का भरोसा मिलेगा। मुख्यमंत्री निवेश को रोजगार सृजन, कौशल उन्नयन और औद्योगिक विस्तार से जोड़ने के अपने दृष्टिकोण के बारे में भी स्पष्ट करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की “रीजनल बैलेंस अप्रोच” का उद्देश्य औद्योगिक विकास को पूरे प्रदेश में संतुलित रूप से फैलाना है। भीलवाड़ा में टेक्सटाइल सेक्टर पर केंद्रित सफल संवाद के बाद अब कृषि, एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औद्योगिक विकास के साथ समेकित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में कई महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजनाएँ पहले से ही संचालित हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, नर्मदापुरम में पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों के लिए देश का पहला मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, जबलपुर में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब, रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और धार में सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क जैसी पहल राज्य की औद्योगिक प्रगति के सशक्त उदाहरण हैं।

इन पहलों के माध्यम से प्रदेश में निवेशकों को लाभकारी अवसर, सुविकसित अधोसंरचना, कुशल श्रमशक्ति और तेजी से स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया उपलब्ध कराई जा रही है। उद्योगपतियों को यह भी जानकारी दी जाएगी कि राज्य सरकार निवेश के लिए स्थिर और पारदर्शी नीति वातावरण सुनिश्चित कर रही है, जिससे लंबी अवधि में निवेश को लाभ और सुरक्षा मिले।

वन-टू-वन चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री उद्योगपतियों के सुझाव और निवेश से जुड़ी चिंताओं को सुनेंगे और उन पर तत्काल कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता जताएंगे। इस बातचीत का उद्देश्य निवेशकों का भरोसा बढ़ाना, नए निवेश को आकर्षित करना और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करना है।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग ने इस सेशन के लिए व्यापक तैयारी की है। इसमें निवेशकों के लिए संभावित क्षेत्रों की सूची, निवेश प्रोत्साहन पैकेज, टैक्स लाभ, भूमि उपलब्धता, लॉजिस्टिक और कनेक्टिविटी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। इससे निवेशकों को निर्णय लेने में आसानी होगी और राज्य में औद्योगिक विकास की गति तेज होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि उसे रोजगार सृजन, कौशल विकास और क्षेत्रीय संतुलन के साथ जोड़ना है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि निवेश न केवल महानगरों तक सीमित रहे, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में भी औद्योगिक गतिविधियों का प्रसार हो।

मुख्यमंत्री के इस निवेश सत्र में शामिल होने वाले उद्योगपतियों में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं, जिनमें टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, एग्री-बिजनेस, ऊर्जा, रियल एस्टेट और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के निवेशक शामिल हैं।

मुख्यमंत्री इस मौके पर औद्योगिक विकास से जुड़े नए अवसरों के बारे में भी जानकारी देंगे। इनमें नई तकनीक आधारित उत्पादन इकाइयाँ, हरित ऊर्जा परियोजनाएँ, स्टार्टअप्स और नवाचार केंद्र शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को दी जाने वाली सुविधाओं और प्रोत्साहनों को भी इस सेशन में साझा किया जाएगा।

इस प्रकार, जयपुर में आयोजित यह इंटरएक्टिव निवेश सत्र मध्यप्रदेश के निवेश वातावरण को मजबूत करने, उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित करने और पूरे प्रदेश में औद्योगिक विकास को संतुलित रूप से फैलाने के प्रयासों का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल प्रदेश की आर्थिक वृद्धि को गति देने और रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। निवेशकों के साथ इस तरह की वन-टू-वन बैठक मध्यप्रदेश को निवेश की प्राथमिक पसंद बनाने में सहायक होगी।

राज्य सरकार की नीतिगत स्पष्टता, क्षेत्रीय प्रोत्साहन, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता और निवेश समर्थक दृष्टिकोण उद्योगपतियों को विश्वास दिलाएंगे कि मध्यप्रदेश में निवेश करना सुरक्षित, लाभकारी और दीर्घकालीन होगा।

इस सत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यह संदेश भी देना चाहते हैं कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए तैयार है, राज्य सरकार उद्योगपतियों के साथ साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है और औद्योगिक विकास के माध्यम से प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक उन्नति सुनिश्चित कर रही है।

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