सागर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के समाप्त होने से पहले कर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। शहरवासियों को लगातार मुनादी और नोटिस के जरिए चेतावनी दी जा रही है कि 31 मार्च तक जल कर और संपत्ति कर जमा नहीं करने पर भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। खास बात यह है कि सिर्फ संपत्ति कर ही नहीं, बल्कि जल कर में भी बढ़ोतरी और पेनाल्टी लागू होगी, जिससे आम नागरिकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहरवासियों पर करीब 98 करोड़ रुपए का कुल कर बकाया है। इसमें जल कर, संपत्ति कर और कचरा कर शामिल हैं। निगम अब तक करीब एक लाख नोटिस और बिल जारी कर चुका है, ताकि समय रहते लोग भुगतान कर सकें।

जल कर: 780 रुपए की पेनाल्टी से बढ़ेगा बिल
जल कर को लेकर सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यदि समय सीमा तक भुगतान नहीं किया गया, तो सीधे 780 रुपए की पेनाल्टी जोड़ दी जाएगी।
एससी-एसटी वर्ग के लिए गणना:
- अप्रैल से अक्टूबर: 75 रुपए प्रति माह
- नवंबर से मार्च: 125 रुपए प्रति माह
- कुल वार्षिक राशि: 1150 रुपए
- पेनाल्टी जोड़ने पर: 1930 रुपए
ओबीसी और जनरल वर्ग के लिए:
- अप्रैल से अक्टूबर: 180 रुपए प्रति माह
- नवंबर से मार्च: 200 रुपए प्रति माह
- कुल वार्षिक राशि: 2260 रुपए
- पेनाल्टी जोड़ने पर: 3040 रुपए
इस प्रकार देखा जाए तो सिर्फ देर करने से ही जल कर में काफी बढ़ोतरी हो जाती है, जो आम परिवार के बजट को प्रभावित कर सकती है।
संपत्ति कर: छूट खत्म तो दोगुना भुगतान
संपत्ति कर की गणना रेंटल वैल्यू के आधार पर की जाती है, जो हर वार्ड, क्षेत्र और लोकेशन के अनुसार अलग-अलग होती है। इसमें सबसे अहम बात यह है कि समय पर कर जमा करने पर मिलने वाली 50% की छूट खत्म हो जाएगी।
उदाहरण से समझिए:
- 1000 वर्गफीट मकान
- रेंटल वैल्यू: 20 रुपए प्रति वर्गफीट
- कुल रेंटल वैल्यू: 20,000 रुपए
अब इसमें:
- 10% रखरखाव छूट → 18,000 रुपए
- 7% संपत्ति कर → 1260 रुपए
- 50% छूट के बाद → 630 रुपए
लेकिन यदि समय पर भुगतान नहीं किया:
- छूट खत्म → पूरी राशि 1260 रुपए देनी होगी
- साथ में 10% अधिभार भी लगेगा
- शिक्षा उपकर और विकास उपकर अलग से
इस तरह कुल टैक्स लगभग दोगुना हो सकता है।

कचरा कर: अभी राहत, आगे बढ़ सकता है बोझ
फिलहाल कचरा कर पर किसी प्रकार की पेनाल्टी लागू नहीं है, लेकिन नगर निगम इसे नए वित्तीय वर्ष में लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही एकमुश्त भुगतान पर छूट देने का भी प्रस्ताव है।
कुल बकाया: 98 करोड़ रुपए का दबाव
नगर निगम के पास जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चिंताजनक हैं:
- जल कर: 50 करोड़ रुपए
- संपत्ति कर: 30 करोड़ रुपए
- कचरा कर: 18 करोड़ रुपए
इतनी बड़ी राशि की वसूली के लिए निगम ने सख्त रुख अपनाया है।
अवकाश में भी खुले रहेंगे काउंटर
निगमायुक्त राजकुमार खत्री के अनुसार, 31 मार्च तक कर वसूली के लिए सभी काउंटर खुले रहेंगे—even छुट्टियों में भी।
- पुराने निगम कार्यालय में 4 काउंटर
- म्युनिसिपल स्कूल के सामने विशेष कैंप
- ऑनलाइन भुगतान की सुविधा (एमपी नगर पालिका पोर्टल)
इससे नागरिकों को भुगतान में सुविधा मिल सकेगी।
एडवांस भुगतान पर छूट का मौका
नगर निगम ने नागरिकों को राहत भी दी है। यदि कोई व्यक्ति 1 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच पूरे साल का टैक्स एकमुश्त जमा करता है, तो उसे छूट मिलेगी:
- जल कर: 1 माह (लगभग 200 रुपए) की छूट
- संपत्ति कर: 6% तक की छूट
इसका मतलब यह है कि समय पर भुगतान करने वाले लोग न सिर्फ पेनाल्टी से बच सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त लाभ भी ले सकते हैं।
प्रशासन का संदेश: समय पर भुगतान करें
नगर निगम का साफ संदेश है कि नागरिक समय पर अपने करों का भुगतान करें। इससे न केवल उन्हें अतिरिक्त बोझ से राहत मिलेगी, बल्कि शहर के विकास कार्यों में भी योगदान होगा।
आम नागरिकों पर असर
इस नई सख्ती का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा, खासकर उन परिवारों पर जो पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि लोग समय सीमा से पहले अपने करों का भुगतान कर लें।
सागर नगर निगम की यह पहल राजस्व बढ़ाने और बकाया वसूली के लिए जरूरी कदम मानी जा रही है, लेकिन इसके साथ ही यह नागरिकों के लिए चेतावनी भी है। 31 मार्च के बाद करों में बढ़ोतरी और पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए बेहतर यही है कि समय रहते अपने जल कर और संपत्ति कर का भुगतान कर दिया जाए, ताकि अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके और उपलब्ध छूट का लाभ उठाया जा सके।