मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक चौंकाने वाली वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। पटेरा थाना क्षेत्र के बमनपुरा गांव स्थित शीतला माता मंदिर से लाखों रुपए के आभूषण चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना न सिर्फ चोरी, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ का भी मामला बन गई है, क्योंकि आरोपी पहले मंदिर में पूजा करते दिखे और फिर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पूजा के बाद मंदिर में चोरी: सीसीटीवी से पकड़े गए आरोपी, लाखों के जेवर बरामद

घटना: दिनदहाड़े मंदिर का ताला तोड़कर चोरी
यह घटना 17 मार्च की है, जब बमनपुरा गांव के शीतला माता मंदिर में दिन के समय चोरी की वारदात हुई। मंदिर के पुजारी भागीरथ प्रसाद कुर्मी ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब 10:30 बजे पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के सभी दरवाजों पर ताला लगा दिया था।
लेकिन शाम करीब 4 बजे जब उनके पिता मंदिर की सफाई करने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ है और दरवाजे खुले पड़े हैं। अंदर जाकर देखा तो माता के गले का सोने का हार और चांदी के छत्र गायब थे।
इस घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई। फुटेज में साफ देखा गया कि दो आरोपी मंदिर में प्रवेश करते हैं, पहले श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं और फिर चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिससे लोगों में गुस्सा और हैरानी दोनों देखने को मिली।
पुलिस ने इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रुति सोमवंशी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों का सुराग लगाया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया:
- परम पिता मुन्ना लाल आठ्या
- गुटालू उर्फ गोविंद पिता रूपसींग लोधी
- परम पिता गोकुल आठ्या
पूछताछ के दौरान तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

बरामद हुआ चोरी का माल
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया है, जिसमें शामिल हैं:
- चांदी के 6 छत्र
- सोने का हार
बरामद सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 85 हजार रुपए बताई जा रही है।
कैसे की गई चोरी?
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दिन के समय मंदिर को निशाना बनाया, जब वहां कोई मौजूद नहीं था। उन्होंने मंदिर का ताला तोड़ा और अंदर रखे कीमती आभूषण चुरा लिए।
इसके बाद उन्होंने चोरी का सामान आपस में बांटने और बेचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते वे ज्यादा दिन तक बच नहीं सके।
आज कोर्ट में पेश होंगे आरोपी
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि कहीं इनका संबंध किसी बड़े चोरी गिरोह से तो नहीं है।
धार्मिक स्थल पर चोरी से आक्रोश
इस घटना ने स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत किया है। मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर चोरी की घटना ने लोगों में गुस्सा पैदा कर दिया है। खासकर इस बात ने सभी को चौंका दिया कि आरोपी पहले पूजा करते हैं और फिर चोरी करते हैं।
पुलिस की सतर्कता से सुलझा मामला
इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच (सीसीटीवी फुटेज) की बड़ी भूमिका रही। समय रहते कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और चोरी का सामान भी बरामद कर लिया।
दमोह का यह मामला न सिर्फ एक चोरी की घटना है, बल्कि यह समाज के नैतिक मूल्यों पर भी सवाल खड़ा करता है। हालांकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि अपराधी अब धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे।