मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। चाकघाट क्षेत्र में डायल 112 में तैनात एक कर्मी का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह ट्रक चालकों से खुलेआम पैसे वसूलता नजर आ रहा है। वीडियो में कर्मी न सिर्फ वसूली करता दिख रहा है, बल्कि पुलिस अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक और धमकी भरी बातें भी करता सुनाई दे रहा है।
वीडियो में खुली पोल: खुद ही दिखाए पैसे
सामने आए वीडियो में डायल 112 कर्मी योगेंद्र सिंह ठाकुर खुद अपनी जेब से पैसे निकालकर दिखाता है और कहता है—“देखो, सब से 300-300 रुपए ले रहा हूं।” इस दौरान ट्रक चालक उससे गुहार लगाते नजर आते हैं कि उन्हें छोड़ दिया जाए, लेकिन वह दबाव बनाकर पैसे वसूलता रहता है।
यह दृश्य पुलिस की साख पर गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि जिस सेवा का उद्देश्य लोगों की मदद करना है, वही कर्मी उनका शोषण करता नजर आ रहा है।

धमकी भरे बयान: “दरोगा की मूंछ मुड़वा दूंगा”
वीडियो में कर्मी की भाषा और रवैया बेहद आक्रामक नजर आता है। वह ट्रक चालकों से कहता है कि अगर पैसे देने के बाद कोई दरोगा या थानेदार उन्हें रोकेगा, तो वह उसकी “मूंछ मुड़वा देगा।”
यह बयान न सिर्फ अनुशासनहीनता को दर्शाता है, बल्कि पुलिस विभाग के अंदर की कार्यप्रणाली और नियंत्रण पर भी सवाल उठाता है।
200 की जगह 300 रुपए वसूली की बात
वीडियो में कर्मी यह भी कहता है कि, “तुमने मेरा दिमाग खराब कर दिया, इसलिए आज 200 की जगह 300 लूंगा।” इससे साफ होता है कि वसूली की एक तय रकम पहले से थी, जिसे उसने बढ़ा दिया।
इतना ही नहीं, वह यह भी कहता नजर आता है कि कुछ चालकों का चालान कटवाया गया है और अब बाकी लोग “लाइन में आ गए हैं” और “महीना फिक्स” कराने की बात कर रहे हैं।
चाकघाट क्षेत्र का मामला
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला रीवा जिले के चाकघाट क्षेत्र का है और घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। हालांकि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल नहीं हुआ, लेकिन सीधे तौर पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

डायल 112 सेवा पर उठे सवाल
डायल 112 एक आपातकालीन सेवा है, जिसका उद्देश्य जनता को त्वरित सहायता प्रदान करना है। लेकिन जब इसी सेवा से जुड़े कर्मी इस तरह की हरकत करते हैं, तो यह पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन की चुप्पी, कार्रवाई का इंतजार
अब तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में संबंधित कर्मी पर क्या कार्रवाई की जाती है।
जनता में आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद आम लोगों में आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर सुरक्षा देने वाले ही इस तरह वसूली करेंगे, तो आम जनता किस पर भरोसा करेगी?
रीवा का यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है। इस तरह की घटनाएं न केवल पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि जनता के विश्वास को भी कमजोर करती हैं।
अब जरूरत है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।