दमोह जिले के गैसाबाद थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। ग्राम खमरगौर में गुरुवार दोपहर 19 वर्षीय आरती अहिरवार का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। घटना के बाद परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों, विशेष रूप से पति पर हत्या का आरोप लगाया और दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया।
10 महीने पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, आरती अहिरवार की शादी करीब दस महीने पहले पिपरवाह (थाना अमानगंज) निवासी अपने मायके से खमरगौर निवासी दसरथ चौधरी के साथ हुई थी।
शादी के शुरुआती दिनों के बाद ही आरती के जीवन में परेशानियों का दौर शुरू हो गया। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष द्वारा उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।

दहेज प्रताड़ना के आरोप
मृतका के परिवार का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद से ही आरती को अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाने लगा था। उसे कई बार जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
आरती ने अपने माता-पिता को अपनी पीड़ा के बारे में बताया था। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे अपने साथ मायके ले आए थे, ताकि वह कुछ समय सुरक्षित रह सके।
एक माह पहले ही ससुराल ले गया था पति
मृतका के भाई राकेश अहिरवार के अनुसार, करीब एक माह पहले आरती का पति दसरथ उसे लेने मायके आया था। उस समय परिवार ने उसे समझाइश देते हुए कहा था कि वह आरती के साथ किसी प्रकार की मारपीट या प्रताड़ना न करे।
परिजनों को उम्मीद थी कि स्थिति सुधरेगी, लेकिन एक महीने के भीतर ही यह दुखद घटना सामने आ गई।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव
गुरुवार को अचानक सूचना मिली कि आरती ने फांसी लगा ली है। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक उसे अस्पताल ले जाया जा चुका था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के अनुसार, शव को देखकर उन्हें संदेह हुआ कि यह सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आरती के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे।
हत्या का आरोप
मायके पक्ष का आरोप है कि दसरथ और उसके परिवार वालों ने पहले आरती की हत्या की और फिर इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया।
परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
अस्पताल में बढ़ा तनाव
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मृतका के परिजन अस्पताल पहुंच गए। वहां कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बन गई। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे थे और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने शुरू की जांच
गैसाबाद थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी पहलुओं—आत्महत्या, हत्या और दहेज प्रताड़ना—को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का कारण क्या था और क्या शरीर पर पाए गए निशान किसी संघर्ष या हिंसा का परिणाम हैं।
सामाजिक समस्या की झलक
यह घटना समाज में दहेज प्रथा और उससे जुड़ी हिंसा की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर करती है। आज भी कई महिलाओं को शादी के बाद दहेज के लिए प्रताड़ना झेलनी पड़ती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है।
कानून और कार्रवाई की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि दहेज प्रताड़ना जैसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई और समय पर हस्तक्षेप जरूरी है। साथ ही समाज को भी इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूक होने की जरूरत है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आरती की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक युवा बेटी की असमय मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए तथा दोषियों को सजा मिले।
कई सवाल अब भी बाकी
इस मामले में कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं:
- क्या यह आत्महत्या है या हत्या?
- शरीर पर मिले चोट के निशान कैसे आए?
- क्या दहेज प्रताड़ना इस घटना का कारण बनी?
- घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था?
इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।
दमोह के खमरगौर गांव में नवविवाहिता की मौत का यह मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। एक ओर जहां परिजन हत्या और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।