सागर जिले के नेशनल हाईवे-44 पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें गेहूं से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रैक्टर पर सवार तीन लोग घायल हो गए, जिनमें ड्राइवर की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर जाम की स्थिति भी निर्मित हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा निवासी किसान जयंत पांडे का करीब 40 बोरी गेहूं ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड कर सागर लाया जा रहा था। ट्रैक्टर को मुकेश शुक्ला (40 वर्ष), पिता रमेश शुक्ला, निवासी तेंदूखेड़ा चला रहे थे। उनके साथ ट्रैक्टर में विवेक पांडे (28 वर्ष), पिता जयंत पांडे और बंटू गौंड (38 वर्ष), पिता भगवानदास गौंड, दोनों निवासी आलनपुर तेंदूखेड़ा सवार थे।

तीनों सुबह सागर के लिए रवाना हुए थे। जैसे ही ट्रैक्टर-ट्रॉली गौरझामर के पास नेशनल हाईवे-44 पर स्थित नीम घाटी पर पहुंची, अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया। ढलान और मोड़ के कारण ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
दुर्घटना में ड्राइवर मुकेश शुक्ला को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि विवेक पांडे और बंटू गौंड को भी चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल देवरी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल मुकेश शुक्ला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

हादसे के दौरान ट्रॉली में भरा गेहूं सड़क पर फैल गया और ट्रैक्टर भी बीच सड़क पर पलटा पड़ा रहा, जिससे देवरी-सागर मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। कुछ समय के लिए हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर पुलिस के साथ टोल नाके की टीम भी मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क से हटाया गया और बिखरे हुए गेहूं को भी समेटा गया। काफी मशक्कत के बाद यातायात को पुनः सुचारू किया जा सका।
पुलिस ने मामले को जांच में ले लिया है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है।