मालथौन। भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्मजयंती के अवसर पर मालथौन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस अवसर पर पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने अम्बेडकर पार्क में बाबा साहेब की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया तथा 45 लाख रुपए की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन करते हुए इसे एक करोड़ रुपए तक विस्तारित करने की घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान देश के प्रत्येक नागरिक के लिए पूजनीय है और जब तक भारत रहेगा, संविधान भी रहेगा। उन्होंने कहा कि समानता, समरसता और महिलाओं को अधिकार दिलाने का सपना आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है।
उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर आज अंबेडकर पार्क विकसित हुआ है, वह पहले वन विभाग की थी, जिसे विधिवत प्रक्रिया से नगर परिषद को हस्तांतरित कराया गया। अब तक इस परिसर पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और आगे सामाजिक कार्यों के लिए यहां आधुनिक सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा।

भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा साहेब का सपना सामाजिक न्याय और समानता स्थापित करना था, और आज भारत का संविधान दुनिया के श्रेष्ठ संविधानों में गिना जाता है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों तक शासन करने के बावजूद कांग्रेस ने अम्बेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य नहीं किया।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को “पंचतीर्थ” के रूप में विकसित किया है और महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है।
अपने संबोधन में उन्होंने क्षेत्रीय विकास के कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि मालथौन और बांदरी में शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना, हजारों गरीबों को आवास, निःशुल्क भूमि पट्टों का वितरण और सामाजिक भवनों का निर्माण भाजपा सरकार की उपलब्धियां हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों की उपस्थिति रही। बौद्ध धर्म गुरु के मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा अनावरण हुआ और कन्यापूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह ने समाज से अपील की कि वे अंबेडकर पार्क की देखरेख करें और नशे से दूर रहकर बाबा साहेब के आदर्शों का पालन करें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और आमजन उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बना, बल्कि सामाजिक समरसता, विकास और जागरूकता का भी संदेश दे गया।