सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी कक्ष में आयोजित भू-अर्जन प्रकरणों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 2 से 5 वर्षों से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आपसी सहमति वाले मामलों को प्राथमिकता देने और प्रस्ताव प्राप्त होते ही जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि सभी एसडीएम और संबंधित एजेंसियां तय समय-सीमा में भू-अर्जन प्रकरणों का निपटारा करें, ताकि विकास परियोजनाओं में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-स्वामियों को समय पर मुआवजा राशि वितरित कर संबंधित विभागों को निर्माण कार्य हेतु भूमि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही अर्जित भूमि का नामांतरण खसरे में दर्ज करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जिन प्रकरणों में मुआवजा वितरण हो चुका है, वहां से अतिक्रमण हटाकर संबंधित एजेंसी को तत्काल कब्जा दिलाया जाए। अवॉर्ड पारित होने के बाद एसडीएम अपने दायित्वों को शीघ्र पूर्ण करें तथा भुगतान पत्रकों के साथ खसरे की प्रति संलग्न करना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने धारा 11, 19 और 21 के अंतर्गत लंबित मामलों में संतोषजनक प्रगति न होने पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि भू-अर्जन प्रकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अविनाश रावत (अपर कलेक्टर) सहित सभी एसडीएम, लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण, NHAI, रेलवे, आरओबी, दिल्ली-नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर, सागर-दमोह मार्ग एवं जल संसाधन विभाग से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई और सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए।