मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा” के अंतर्गत भोपाल-चंदेरी-ओरछा सेक्टर की शुरुआत की। राजधानी भोपाल के स्टेट हेंगर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर को झंडी दिखाकर रवाना किया और यात्रियों को बोर्डिंग पास भी प्रदान किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाना इस हेली सेवा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ओरछा में भगवान श्रीराम राजा के रूप में विराजमान हैं, और उनके दर्शन के लिए अब “पुष्पक विमान” जैसी सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सुविधाजनक साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नई सेवा के तहत भोपाल, चंदेरी और ओरछा जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के शहरों को जोड़ा गया है। चंदेरी का संबंध भी पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से माना जाता है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। चंदेरी अपनी ऐतिहासिक विरासत, प्राचीन किलों और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है।
कार्यक्रम का आयोजन भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर किया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन साहस, पराक्रम और न्याय के लिए संघर्ष का प्रतीक है और उनकी प्रेरणा से ही प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र व्यापक है और यहां धार्मिक, सांस्कृतिक, वन्यजीव एवं प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। हेली पर्यटन सेवा इन संभावनाओं को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल पर्यटकों का समय बचेगा, बल्कि यात्रा का अनुभव भी अधिक रोमांचक और यादगार बनेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही कई हेली पर्यटन रूट शुरू किए हैं, जिनमें ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर और इंदौर के बीच सेवा शामिल है। इसके अलावा कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, मैहर, अमरकंटक और चित्रकूट को भी हेली सेवा से जोड़ा गया है। भोपाल-चंदेरी-ओरछा इस श्रृंखला का तीसरा प्रमुख सेक्टर है।
किराया संरचना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चंदेरी से ओरछा का किराया 2,750 रुपये, भोपाल से चंदेरी का 5,500 रुपये और भोपाल से ओरछा का किराया 6,500 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा भोपाल से ओरछा के लिए एक विशेष पैकेज भी उपलब्ध है, जिसकी कुल लागत 14,500 रुपये है। इस पैकेज में हेलीकॉप्टर किराया, स्थानीय टैक्सी सेवा तथा दर्शन एवं प्रसाद की व्यवस्था शामिल है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस योजना के सफल संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा “मैचिंग ग्रांट” के तहत वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसका उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और अधिक से अधिक पर्यटकों को मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की एविएशन नीति की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का विमानन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और महाराष्ट्र सहित कई राज्य इसकी नीति का अनुसरण करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ राज्य में रेल, सड़क और जल परिवहन पर भी समान रूप से कार्य किया जा रहा है, जिससे समग्र परिवहन व्यवस्था मजबूत हो रही है।
कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, भोपाल की महापौर मालती राय सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। साथ ही, हेली सेवा का संचालन करने वाली कंपनी Fly Ola के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक अनुभव मिलेगा। यात्रियों के लिए बुकिंग की सुविधा IRCTC के पोर्टल और फ्लाई ओला की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
विशेष रूप से, इस सेवा के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अंततः मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में ऐसे नवाचार भविष्य में भी जारी रहेंगे। पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि मध्यप्रदेश को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।