भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की गई है। इस संबंध में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी प्रतिभा पाल ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाएं और 30 अप्रैल तक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज करें।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि डिजिटल जनगणना की यह पहल नागरिकों को सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ प्रक्रिया को अधिक तेज और सटीक बनाएगी। उन्होंने कहा कि अब नागरिकों को प्रगणक के आने का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वे स्वयं ही अपनी पारिवारिक जानकारी सुरक्षित और सरल तरीके से पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।
स्व-गणना प्रक्रिया: आसान और चरणबद्ध व्यवस्था
जनगणना 2027 के तहत शुरू की गई ‘स्व-गणना’ प्रक्रिया को तीन मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है, जिससे आम नागरिक भी आसानी से इसे पूरा कर सकें।

1. पोर्टल में प्रवेश और पंजीकरण
नागरिकों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाना होगा। यहां राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का चयन कर कैप्चा कोड भरकर लॉगिन करना होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया का नाम और 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज कर पंजीकरण किया जाएगा। ईमेल आईडी देना वैकल्पिक रखा गया है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक ही परिवार के लिए किया जा सकता है और एक बार दर्ज किया गया मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा।
2. सत्यापन और स्थान की पहचान
पंजीकरण के बाद नागरिकों को अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करना होगा और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर सत्यापन करना होगा। इसके बाद अपने जिले, तहसील, गांव या शहर और वार्ड/मोहल्ला जैसी जानकारी भरनी होगी।
सबसे महत्वपूर्ण चरण में नागरिकों को पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल मैप के माध्यम से अपने घर का सटीक स्थान चिन्हित करना होगा। इसके लिए मैप पर दिए गए पॉइंटर को ड्रैग करके सही लोकेशन निर्धारित करनी होगी।
3. जानकारी भरना और अंतिम सबमिशन
इस चरण में मकान सूचीकरण और परिवार के सदस्यों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सावधानीपूर्वक भरने होंगे। पोर्टल पर FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) और आवश्यक निर्देश भी उपलब्ध हैं, जो उपयोगकर्ताओं की सहायता करेंगे।
जानकारी भरने के बाद नागरिकों को फॉर्म का पूर्वावलोकन (Preview) करना होगा और यदि कोई त्रुटि हो तो उसे सुधारना होगा। इसके बाद अंतिम रूप से ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक कर डेटा जमा करना होगा। एक बार सबमिट करने के बाद जानकारी में संशोधन संभव नहीं होगा।
SE ID: आपकी पहचान का डिजिटल प्रमाण
सफल सबमिशन के बाद नागरिकों को 11 अंकों की एक विशेष ‘स्व-गणना पहचान संख्या’ (SE ID) प्राप्त होगी, जो “H” अक्षर से शुरू होगी। यह आईडी मोबाइल पर SMS के माध्यम से भी भेजी जाएगी। यह नंबर भविष्य में सत्यापन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
प्रगणक के सत्यापन की प्रक्रिया
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि भले ही नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर लें, फिर भी जनगणना प्रगणक (Enumerator) क्षेत्र में घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इस दौरान नागरिकों को अपनी SE ID प्रगणक को दिखानी होगी।
यदि दर्ज की गई जानकारी और SE ID सिस्टम में मौजूद रिकॉर्ड से मेल खाती है, तो उसे स्वीकार कर लिया जाएगा। वहीं, यदि किसी प्रकार का अंतर पाया जाता है, तो प्रगणक मौके पर ही नई जानकारी दर्ज करेगा।

नागरिकों से अपील
कलेक्टर ने जिलेवासियों से आग्रह किया है कि वे इस डिजिटल पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय रहते अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करें। इससे न केवल प्रशासन का कार्य आसान होगा, बल्कि डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश की योजना निर्माण प्रक्रिया का आधार है। सही और सटीक जानकारी से ही सरकार विभिन्न योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकती है।
डिजिटल भारत की ओर एक कदम
‘स्व-गणना’ की यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल तकनीक का उपयोग बढ़ेगा, बल्कि नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
अंततः, जनगणना 2027 को सफल बनाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अहम है। यदि लोग समय पर अपनी जानकारी दर्ज करते हैं, तो यह प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बन सकेगी।